वीरभद्र सिंह का जाना एक बड़े अध्याय का अंत होना है- हंस राज, विधानसभा उपाध्यक्ष

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जंहा आज पूरा हिमाचल पूर्व मुख्यमंत्री के निधन से शोक में है, वहां विधानसभा चुराह क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। गली-गली एक ही बात सुनाई दे रही है कि राजा जी इस दुनिया से विदा हो गए। जंहा कांग्रेस पार्टी ने अपना चहेता नेता खो दिया है। वहां लोग इस बात स्तब्ध हैं, लोगों को यकीन तक नहीं हो रहा कि पूर्व मुख्यमंत्री, गरीबों के पालनहार इस दुनिया में नहीं रहे। आपको बताते चलें कि हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे व वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह का आज सुबह निधन हो गया। जानकारी के अनुसार वीरभद्र का निधन सुबह 3.40 बजे हुआ। दोबारा कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से वह शिमला के आईजीएमसी में उपचाराधीन थे।

वह करीब ढाई महीने से आईजीएमसी में दाखिल थे। सोमवार को अचानक तबीयत खराब होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर दाखिल कर दिया था। जिसके बाद से वह बेहोशी की हालत में यहां पर उपचाराधीन थे। लेकिन वीरवार सुबह 3:40 मिनट पर उनकी मौत हो गई। जिसके बाद पूरा हिमाचल शोक में है।

पूर्व मुख्य मंत्री एक कदावर नेता रहें हैं, उन्होंने हिमाचल का प्रतिनिधत्व सासंद के रूप में दिल्ली में भी किया है, काफी उतार- चढ़ व के बीच भी उन्होंने हिमाचल को काफी कुछ दिया। व्यक्तिगत रूप से हम सबको पूरे हिमाचल को इससे काफी गहरा आघात पहुँचा है। वीरभद्र सिंह का जाना एक बड़े अध्याय का अंत होना है। भगवान परिवार को इस दुःख की घड़ी में इस अपूर्णिय क्षति से उभरने की शक्ति प्रदान करें।

हंस राज
विधानसभा उपाध्यक्ष, हिमाचल सरकार

राजा वीर भद्र सिंह का जाना हमारे लिए दुखदयी है, हिमाचल की राजनीति का बहुत बड़ा चेहरा हमने खो दिया है। भगवान से यही गुजारिश है की इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार को इस असहनीय क्षति को सहने की शक्ति दे।

सुरेंन्दर भारद्वाज
पूर्व विधायक, विधान सभा चुराह

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