New Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना दिवस के मौके पर भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस को नमन किया है। उन्होंने गुरुवार को जवानों को ‘निस्वार्थ सेवा का प्रतीक’ बताया। पीएम ने कहा कि हमारे सैनिक मुश्किल से मुश्किल हालात में भी देश की रक्षा करते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस खास मौके पर फौजियों और उनके परिवारों को बधाई दी। पूरा देश आज अपने वीरों के जज्बे और बलिदान को सलाम कर रहा है।
पीएम मोदी ने की जज्बे की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सैनिकों के लिए एक भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र अपने सैनिकों के साहस और प्रतिबद्धता का सम्मान करता है। सैनिक अपना कर्तव्य निभाते हुए जान की परवाह नहीं करते। पीएम ने लिखा कि सैनिकों का यह समर्पण पूरे देश में विश्वास पैदा करता है। उन्होंने उन शहीदों को भी याद किया जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दे दी।
राष्ट्रपति बोलीं- ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ ही पहचान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सेना के शौर्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना देश की एकता और अखंडता की रक्षक है। सैनिक न सिर्फ सीमाओं पर दुश्मन से लड़ते हैं, बल्कि आपदाओं में भी लोगों की मदद करते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि सैनिकों की ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ वाली भावना हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। उन्होंने देश के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को भी शुभकामनाएं दीं।
15 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं सेना दिवस?
यह दिन भारत के इतिहास में बहुत खास है। साल 1949 में आज ही के दिन फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा ने सेना की कमान संभाली थी। वे भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने थे। उन्होंने आखिरी ब्रिटिश कमांडर जनरल सर एफ.आर.आर. बुचर से यह जिम्मेदारी ली थी। इसी ऐतिहासिक पल की याद में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है।
