India News: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। पाकिस्तान की ओर से किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह चेतावनी दिल्ली में आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई।
जनरल द्विवेदी ने बताया कि आठ आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं। इनमें से छह नियंत्रण रेखा के सामने और दो अंतरराष्ट्रीय सीमा के सामने हैं। सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि अगर उन्होंने कुछ भी किया तो उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर
सेनाप्रमुख ने पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद की कार्रवाई का विवरण दिया। अप्रैल 2025 में हुए इस हमले में छब्बीस निर्दोष लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में उच्च स्तर पर निर्णायक कार्रवाई का फैसला लिया गया। सात मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ।
यह ऑपरेशन आतंकवादियों के ठिकानों पर सटीक हमलों के रूप में चला। कार्रवाई की शुरुआत के मात्र बाईस मिनट में और फिर दस मई तक कुल अठासी घंटों में आतंक के ढांचे को तोड़ा गया। पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को भी चकनाचूर किया गया।
नौ में से सात ठिकाने नेस्तनाबूद
जनरल द्विवेदीने ऑपरेशन की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नौ में से सात ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया। इस ऑपरेशन को बहुत सटीक तरीके से लागू किया गया था। सेना प्रमुख ने सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भूमिका की सराहना की।
उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और खुफिया एजेंसियों का उल्लेख किया। नागरिक प्रशासन, गृह मंत्रालय और रेलवे के सहयोग को भी रेखांकित किया। ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की तैयारियों और रणनीतिक स्पष्टता को दर्शाया।
पाकिस्तानी मूल के आतंकी अधिक
सेनाप्रमुख ने वर्ष 2025 की सुरक्षा स्थिति का जायजा पेश किया। उन्होंने बताया कि उत्तरी सीमा पर स्थिति स्थिर है लेकिन सतर्कता जरूरी है। पश्चिमी मोर्चे और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील लेकिन नियंत्रण में है।
वर्ष 2025 में कुल इकत्तीस आतंकवादियों को मार गिराया गया। इनमें से पैंसठ प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के थे। पहलगाम हमले के तीनों आतंकियों को ऑपरेशन महादेव में मार गिराया गया। अब सक्रिय स्थानीय आतंकवादी सिंगल डिजिट में हैं।
आतंकवाद से पर्यटन की ओर बदलाव
जनरल द्विवेदीने जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक बदलावों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्य तेज हुए हैं। पर्यटन लौटा है और अमरनाथ यात्रा में चार लाख से ज्यादा श्रद्धालु आए। यह संख्या पांच साल के औसत से अधिक है।
आतंकवाद से पर्यटन की ओर बदलाव साफ दिख रहा है। आतंकवादियों की भर्ती लगभग खत्म हो गई है। वर्ष 2025 में सिर्फ दो भर्तियां हुईं। यह स्थिति में सुधार का स्पष्ट संकेत है।
डीजीएमओ स्तर की बातचीत हुई
सेनाप्रमुख ने परमाणु बयानबाजी के बारे में भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि डीजीएमओ बातचीत में परमाणु विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई। जो भी परमाणु बयानबाजी हुई वह पाकिस्तान के नेताओं या आम जनता ने की।
उन्होंने बताया कि आज डीजीएमओ स्तर की बातचीत हुई है। पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन को लेकर उसे आगाह किया गया। भारतीय सेना मिसाइल और रॉकेट फोर्स तैयार कर रही है। तैनाती इस तरह की गई थी कि जमीनी ऑपरेशन के लिए पूरी तैयारी थी।
