Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकवादियों के खिलाफ लोहा लेते हुए हवलदार गजेंद्र सिंह ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। सेना की व्हाइट नाइट कोर ने सोमवार को इस वीर सैनिक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ के दौरान सिंगपुरा इलाके में आतंकियों के साथ भीषण मुठभेड़ हुई थी। गजेंद्र सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा की।
‘ऑपरेशन त्राशी-I’ में दिखाया अदम्य साहस
18 और 19 जनवरी 2026 की रात किश्तवाड़ का सिंगपुरा इलाका गोलियों की गूंज से दहल उठा। सेना को वहां कुछ आतंकियों के छिपे होने की सटीक जानकारी मिली थी। विशेष बल (Special Forces) के हवलदार गजेंद्र सिंह टीम का नेतृत्व कर रहे थे। आतंकियों से सीधे मुकाबले के दौरान वे वीरता से लड़े। इस मुठभेड़ में उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान देकर देश का मान बढ़ाया।
व्हाइट नाइट कोर ने किया सलाम
सेना की व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) और सभी रैंकों ने शहीद को नमन किया। सेना ने गजेंद्र सिंह के अदम्य साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की सराहना की। कोर ने आधिकारिक बयान में कहा कि उनकी वीरता को हमेशा गर्व के साथ याद रखा जाएगा। दुख की इस घड़ी में पूरी भारतीय सेना शहीद के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन तेज
किश्तवाड़ के जंगलों में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है। मुठभेड़ के दौरान सेना के कुछ अन्य जवान भी घायल हुए हैं। सभी घायल सैनिकों का सैन्य अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। भारतीय सेना आतंकियों को पकड़ने के लिए तकनीक और अतिरिक्त जवानों की मदद ले रही है।
