Himachal News: हिमाचल प्रदेश के अर्की में हुए दिल दहला देने वाले अग्निकांड का सर्च ऑपरेशन आखिरकार खत्म हो गया है। चार दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से कुल 20 मानव अवशेष बरामद हुए हैं। प्रशासन ने गुरुवार को इनमें से 10 अवशेष परिजनों को सौंप दिए। गमगीन माहौल में स्थानीय प्रशासन की देखरेख में इनका अंतिम संस्कार किया गया। इस हादसे में नेपाल और बिहार के 10 मजदूरों की जान गई थी, जिसमें एक 10 साल का मासूम बच्चा भी शामिल था। अपनों के अवशेष देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
डीएनए टेस्ट से होगी पहचान, सामूहिक हुआ संस्कार
नेपाल और बिहार से पीड़ितों के परिजन अर्की पहुंच चुके हैं। मृतक काशी राम के भाई मोहन बहादुर ने बताया कि रिश्तेदारों ने आपस में बात करके एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने तय किया कि मलबे से मिले अवशेषों का सामूहिक रूप से अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन ने पहचान सुनिश्चित करने के लिए नेपाल से आए परिजनों के डीएनए सैंपल भी लिए हैं। बुधवार देर रात ही कई मृतकों के भाई और बेटे घटनास्थल पर पहुंच गए थे।
मलबे में मिले मौत के निशान, ऑपरेशन हुआ बंद
एसडीएम अर्की निशांत तोमर ने पुष्टि की कि सर्च ऑपरेशन गुरुवार शाम 6 बजे बंद कर दिया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और डॉग स्क्वायड की टीमों ने दिन-रात एक करके मलबे को खंगाला। मलबे को टिपरों के जरिए चौगान मैदान ले जाया गया था। वहां जवानों ने मिट्टी को चार से पांच बार पलटकर बारीकी से जांच की। गुरुवार दोपहर बाद 5 और मानव अवशेष मिले। पुलिस ने सभी अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया है।
सिलेंडरों के जखीरे ने खड़े किए सवाल
घटनास्थल से भारी संख्या में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर मिले हैं। जांच में सामने आया है कि इतनी बड़ी तबाही सिलेंडरों में हुए धमाकों के कारण ही हुई। पुलिस ने भवन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब इस बात की कड़ी जांच की जा रही है कि रिहायशी इलाके में इतने सिलेंडर क्यों जमा किए गए थे। प्रशासन अब चौगान मैदान की सफाई करवाएगा ताकि स्कूली बच्चों और आम लोगों को परेशानी न हो।
ऐसे बीते खौफ के वो चार दिन
यह दर्दनाक हादसा 12 जनवरी की रात करीब 3 बजे हुआ था। अर्की ओल्ड बाजार की एक इमारत में आग लगने और सिलेंडर फटने से 10 लोग जिंदा जल गए थे। 13 जनवरी को एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाला और पहले दिन 9 अवशेष बरामद किए। अगले दो दिनों तक मलबे को चौगान मैदान में शिफ्ट करके छानबीन की गई। 15 जनवरी तक कुल 20 अवशेष मिलने के बाद अभियान को विराम दिया गया।
