Bengaluru: क्रिकेट जगत में एक नई पीढ़ी के सितारे अब मैदान पर उतर रहे हैं। राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर के बीच के. थिम्मप्पा मेमोरियल टूर्नामेंट में दिलचस्प मुकाबला हुआ। यह मैच अलुर में खेला गया जहां दोनों युवा खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ दिखे। इस मुकाबले में अर्जुन तेंदुलकर का प्रदर्शन समित द्रविड़ से बेहतर रहा।
गोवा क्रिकेट एसोसिएशन की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 338 रनों का स्कोर बनाया। अर्जुन तेंदुलकर ने इस पारी में 20 गेंदों का सामना करके 9 रन बनाए। हालांकि उनका योगदान संख्याओं में छोटा लग सकता है, लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। अर्जुन ने पारी में तीन महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।
समित द्रविड़ KSCA सेक्रेटरी इलेवन की तरफ से खेले। उनकी टीम ने जवाब में 245 रन बनाए। समित ने 26 गेंदों का सामना करते हुए 9 रन बनाए। दिलचस्प बात यह रही कि समित का विकेट अर्जुन तेंदुलकर ने ही लिया। अर्जुन ने समित को कैच आउट करवाकर अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया।
अर्जुन का अखबारी प्रदर्शन
अर्जुन तेंदुलकर ने इस मैच में ऑलराउंड प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी में 9 रन बनाने के बाद गेंदबाजी में उन्होंने तीन विकेट लिए। उनकी गेंदबाजी ने KSCA सेक्रेटरी इलेवन की पारी को रोकने में अहम भूमिका निभाई। अर्जुन ने पहले ही दिन अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया था।
के. थिम्मप्पा मेमोरियल टूर्नामेंट कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया जाता है। यह टूर्नामेंट युवा प्रतिभाओं को प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। इस साल के टूर्नामेंट में दोनों क्रिकेट लीजेंड्स के बेटों की मुठभेड़ ने सभी का ध्यान खींचा है। क्रिकेट प्रेमी इस मुकाबले को बड़े उत्सुकता से देख रहे थे।
समित द्रविड़ का सफर
राहुल द्रविड़ के बेटे समित ने भी इस मैच में हिस्सा लिया। हालांकि उनका प्रदर्शन अर्जुन के मुकाबले कमजोर रहा। समित ने 26 गेंदों में 9 रन बनाए और अर्जुन की गेंद पर आउट हुए। यह मैच समित के लिए सीखने का अनुभव साबित हुआ। भविष्य में वह अपने पिता की तरह महान बल्लेबाज बनना चाहते हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इन युवा खिलाड़ियों पर दबाव बहुत अधिक है। उन्हें हमेशा अपने महान पिताओं के कारण अतिरिक्त ध्यान मिलता है। हालांकि दोनों युवक अपनी क्रिकेट यात्रा में लगातार सुधार कर रहे हैं। यह टूर्नामेंट उनके करियर का एक छोटा सा हिस्सा भर है।
टूर्नामेंट का यह मैच दो दिनों तक चला। पहले दिन गोवा की टीम ने बल्लेबाजी की और 338 रन बनाए। दूसरे दिन KSCA सेक्रेटरी इलेवन ने अपनी पारी खेली और 245 रन बनाए। मैच के परिणाम से ज्यादा दोनों युवा खिलाड़ियों का मुकाबला चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्रिकेट प्रेमी सोशल मीडिया पर इस मुकाबले को लेकर चर्चा कर रहे हैं। कई लोग अर्जुन के प्रदर्शन की सराहना कर रहे हैं तो कुछ समित के भविष्य को लेकर आशावान हैं। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर क्रिकेट विश्लेषकों की नजरें टिकी हुई हैं। भविष्य में इनके और मुकाबले देखने को मिल सकते हैं।
यह मैच दर्शाता है कि भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी तैयार हो रही है। क्रिकेट लीजेंड्स के बेटों से क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदें自然 रूप से अधिक हैं। हालांकि दोनों युवकों के पास अपनी क्रिकेट यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त समय है। वे धीरे-धीरे अपनी एक अलग पहचान बना रहे हैं।

