बिहार का भोजपुर जिला आज-कल अपराध की दुनिया में हर रोज नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। कोई ऐसा दिन नहीं जब यहां गोलीबारी, हत्या, लूट जैसी वारदातें नहीं हों। उनके तांडव से 1857 के महानायक बाबू कुंवर सिंह की धरती रक्तरंजित हो रही है। आम जनता इन घटनाओं से हलकान है, वहीं पुलिस के लिए उस पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब लोग भोजपुर को ‘क्राइम कैपिटल’ की संज्ञा से नवाजने लगे हैं।

जिले में लगातार बढ़ रहा क्राइम का ग्राफ
अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उनको पुलिस और कानून का खौफ जरा भी नहीं है। जिले के प्रबुद्ध लोग मान रहे हैं कि पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है। हालांकि, इस बीच अपराधियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी के आंकड़े भी बढ़े हैं। लेकिन वारदातों पर काबू पाने का पुलिस का दावा ‘मुंगेरी लाल का हसीन’ सपना बनता दिख रहा है। अगर आंकड़ों की बात करें तो इस साल यानी 2021 के जनवरी महीने में गोलीबारी के 111 मामले दर्ज हुए। फरवरी में फायरिंग की 11 वारदातें हो चुकी हैं। साल 2020 की बात करें तो वो एक तरह से कोरोना संकट का साल रहा। अधिकांश समय लॉकडाउन में गुजरा, उस अवधि में पूरे साल गोलीबारी की 160 घटनाएं सामने आईं।

क्राइम कैपिटल क्यों कहने लगे लोग
साल 2020 में जितनी वारदातें सालभर में हुईं, इस साल के दो महीने में ही करीब उतनी वारदातें हो चुकी हैं। इस महीने हुई प्रमुख वारदातों पर नजर डालें तो उसमें ऑटो ड्राइवर से लेकर वकील के पुत्र और कुछ अन्य लोगों को गोली मारी गई। पूर्व सांसद के कर्मचारी से लूट की घटना हुई। आरा शहर के नवादा थाना इलाके में दुष्कर्म की वारदात समेत दो रेप की घटनाएं सामने आईं। भोजपुर में अवैध हथियारों का शोर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अपराध की घटनाओं में अवैध देसी हथियारों का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है।

मार्च में बेकाबू हुआ अपराध
मार्च महीने में भी अपराधियों ने लूट और हत्या की कई वारदातों को अंजाम दिया है। तीन दिन पहले ही चांदी थाना क्षेत्र में गोलीबारी और लूट की 4 घटनाओं को अंजाम देकर अपराधियों ने पुलिस को खुला चैलेंज दे दिया। वहीं तड़के सुबह संदेश थाना के खंडोल में घर में सो रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग को अपराधी गोली मारकर फरार हो गए। ये आंकड़े बताते हैं कि भोजपुर में पुलिस पर अपराधी भारी पड़ रहे हैं। हालांकि, इस दौरान कई अपराधी पकड़े भी गए हैं। सिन्हा थाना क्षेत्र के चंदा गांव के समीप मोटरसाइकिल लूट रहे चार लुटेरों को ग्रामीणों ने पकड़ कर उनकी जमकर पिटाई की और फिर पुलिस के हवाले कर दिया। पूर्व जिला पार्षद समेत उनके भाई की हत्या को अंजाम देने जा रहे अपराधियों को हथियार और गाड़ी के साथ चौरी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

एसपी का दावा- अपराधियों पर कसा शिकंजा
भोजपुर के एसपी हरिकिशोर राय ने अपराधियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी के आंकड़े बताकर पुलिस एक्शन में तेजी का दावा किया है। एसपी के मुताबिक, पिछले चौदह महीने में 70 पिस्टल और 100 से अधिक देसी कट्टे बरामद हुए हैं। पिछले साल जनवरी महीने में पांच पिस्तौल, नौ देसी पिस्टल और एक पुलिस कार्बाइन जब्त किया गया। इसी तरह फरवरी महीने में भी तीन देसी कट्टा मिला था। करीब 14 माह के भीतर 191 अवैध शस्त्र और 785 कारतूस, 60 से अधिक मैगजीन और 90 से अधिक खोखा मिले हैं।

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