Himachal Pradesh News: भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने ऊना जिले में एक बैठक में खराब काजू परोसे जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने फूड इंस्पेक्टर से तत्काल जांच के आदेश दिए। ठाकुर ने कहा कि अगर जांच नहीं होती है तो अधिकारी पहले खुद ये काजू खाएं। यह घटना शनिवार को जिला विकास समन्वय समिति की त्रैमासिक बैठक के दौरान हुई।
सांसद ने बैठक में अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अगर उनके साथ ऐसा व्यवहार होता है तो आम लोगों के साथ कैसा व्यवहार होता होगा। इस बैठक में जिला कलेक्टर जतिन लाल और एसपी अमित यादव सहित कई अधिकारी मौजूद थे। बैठक में विधायक सतपाल सत्ती भी शामिल हुए।
बैठक में हुई देरी और सांसद की प्रतिक्रिया
अनुराग ठाकुर ट्रेन लेट होने के कारण बैठक में देरी से पहुंचे। उन्होंने बैठक की शुरुआत में ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी इधर-उधर की बातें न करें। ठाकुर ने चेतावनी दी कि वह अपने तरीके से दिशा बैठक लेंगे। उन्होंने विकास कार्यों में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई।
बैठक में सांसद के सामने रखे गए काजू की गुणवत्ता खराब थी। अनुराग ठाकुर ने इन काजू को देखकर तत्काल प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इन्हें खाने से कोई भी बीमार हो सकता है। उन्होंने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित जांच की मांग की। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी इस घटना से सकते में आ गए।
इस घटना के बाद अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उलटी परिस्थितियां बनी हुई हैं। उन्होंने कांग्रेस में चल रही आंतरिक खींचतान का जिक्र किया। सांसद ने कहा कि यह स्थिति बड़े सियासी बदलाव का संकेत देती है।
लोगों से संवाद और योजनाओं का विवरण
बैठक के बाद अनुराग ठाकुर ने जिला मुख्यालय क्षेत्र में लोगों से सीधा संवाद किया। उन्होंने लालसिंगी और अरनियाला ग्राम केंद्र के निवासियों से मुलाकात की। सांसद ने नई योजनाओं की विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के दिनों में वृद्धि का उल्लेख किया।
अनुराग ठाकुर ने बताया कि पहले मनरेगा के तहत सौ दिन का रोजगार मिलता था। अब इसे बढ़ाकर पच्चीस दिन किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मजदूरों को अतिरिक्त रोजगार के अवसर मिलेंगे। सांसद ने लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया।
रविवार को अनुराग ठाकुर प्रसिद्ध श्रीचिंतपूर्णी मंदिर पहुंचे। उन्होंने माता की पावन पिंडी के दर्शन किए। सांसद ने पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उनका यह दौरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा।
मंदिर विकास और राजनीतिक प्रतिक्रिया
ठाकुर ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए उन्होंने मंदिर के दीर्घकालीन विकास पर जोर दिया। सांसद ने केंद्र सरकार द्वारा बजट उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि अब इस बजट को सही दिशा में खर्च किए जाने की आवश्यकता है। मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन से उन्होंने बेहतर योजना बनाने को कहा। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस मामले पर कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानियां ने तंज कसा। उन्होंने फेसबुक पर एक कविता पोस्ट कर प्रतिक्रिया दी। विधायक ने लिखा कि वीआईपी सूखे मेवे खाएं लेकिन काजू न खाएं। उन्होंने इसमें कीड़ा मिलने की आशंका जताई। यह टिप्पणी राजनीतिक माहौल को दर्शाती है।
स्थानीय प्रशासन ने काजू की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी नमूने एकत्र कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे प्रकरण ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के मुद्दे को उजागर किया है।

