पत्रकारों की मान्यता नियमों से छेड़छाड़ पर गुस्साया एनयूजे इंडिया, फैसले का किया कड़ा विरोध

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Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश भर के पत्रकारों की मान्यता नियमों से छेड़छाड़ करने पर हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े पत्रकार संगठन नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस इंडिया ने कड़ी आपत्ति जताई है। एनयूजे इंडिया के प्रदेशाध्यक्ष रणेश राणा, महामंत्री रुप किशोर, वरिष्ठ उपप्रधान जोगिंद्र देव आर्य, उपप्रधान सलीम कुरैशी, पंकज भारतीय, राष्ट्रीय सचिव सीमा मोहन व महिला विंग की राज्य प्रधान प्रीति मुकुल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विशाल आनंद, हरदेव भारद्वाज, दिनेश कुंवर, सुमित शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता श्याम लाल पुंडीर व शांति गौतम ने कहा कि कोर्ट के नियमों का हवाला देकर सरकार ने जो नीति बनाई है वो मीडिया के हितों पर कुठाराघात है।

उन्होंने कहा कि अन्य राज्य की सरकारें पत्रकारों को विभिन्न सुविधाएं देकर उनका मान सम्मान कर रही है। वहीं, हिमाचल सरकार उनकी सुविधाएं बढ़ाना तो दूर उल्टे छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होने कहा कि एक मामले को आधार बनाकर सरकार ने समाचार पत्रों को लिखा कि अब पत्रकारों को राज्य व जिला में एक अखबार के एक पत्रकार को मान्यता दी जाएगी जोकि तुगलगी फरमान है। उपमंडल में ही सबसे ज्यादा पत्रकार है जो सबसे ज्यादा ग्रामीण स्तर तक सरकार की नीतियों को जन जन तक पहुंचाता है और अब सरकार ग्रामीण स्तर पर काम करनेवाले उपमंडल स्तरीय पत्रकारों की मान्यता रदद करके क्या साबित करना चाहती है। एनयूजे इंडिया तो इस बात की मांग उठाती रही है कि तहसील स्तर पर मान्यता मिले लेकिन वर्तमान सरकार व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उनकी बेकद्री करके क्या साबित करना चाहती है जबकि मान्यता देने पर सरकार पर किसी भी प्रकार का वित्तीय बोझ नहीं पड़ता।

प्रदेशाध्यक्ष रणेश राणा ने कहा कि सरकार कोर्ट में पत्रकारों की मांगों व मुददों को लेकर कोर्ट में सही रिप्लाई दायर करे न कि अपनी जिम्मेदारी से भागने की कोशिश करे। वहीं दूसरी ओर एनयूजे इंडिया के साथ साथ राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार के कुछ अधिकारी विशेषकर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारी भी सरकार व मीडीया के संबध खराब कर रहे हैं और समय रहते इनका तबादला किया जाना चाहिए। वहीं पत्रकार एकता मंच के प्रदेशाध्यक्ष शांति गौतम ने भी सरकार के नए नियमों की कड़ी आलोचना की है जिसमें उपमंडल की बजाय अब सिर्फ प्रांत व जिले के एकएक पत्रकार कोमान्यता देने की बात कह रही है। अगर सरकार ने नए नियम नही बदले तो हमें आंदोलन का रास्ता अ ितयार करना पडेगा। शनिवार को एनयूजे इंडिया के पदाधिकारी जिला व उपमंडल के माध्यम से इस मुददे को लेकर राज्यपाल व सीएम को ज्ञापन भेजेंगे।

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