रविवार, जनवरी 18, 2026
7.2 C
London

गाजा में ‘अदृश्य’ मौत की लकीर! सीजफायर लाइन बनी काल, 62 लोगों को इजरायली सेना ने उतारा मौत के घाट

Gaza News: गाजा पट्टी में फिलिस्तीनियों के लिए हालात बेहद खौफनाक हो गए हैं। इजरायली सेना ने यहां एक ‘अदृश्य’ सीजफायर लाइन के पास कम से कम 62 फिलिस्तीनियों को मार गिराया है। स्थानीय लोग इस विभाजक रेखा को ‘येलो लाइन’ (Yellow Line) कह रहे हैं। सबसे डराने वाली बात यह है कि कई जगहों पर यह रेखा दिखाई ही नहीं देती। यह अब फिलिस्तीनियों के लिए जीवन और मौत का फैसला कर रही है। अक्टूबर सीजफायर के बाद बनी इस लाइन के पास जाने वाले लोग हर पल डर के साये में जी रहे हैं।

सीजफायर के बाद भी मौत का तांडव

गाजा में सीजफायर लागू होने के बाद भी खून-खराबा नहीं रुका है। आंकड़ों के अनुसार, युद्धविराम के बाद से अब तक कुल 447 फिलिस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से 77 लोगों की मौत सीधे तौर पर इस विवादित रेखा के पास इजरायली गोलीबारी से हुई है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मारे गए लोगों में 62 ऐसे थे जिन्होंने अनजाने में इस लाइन को पार किया था। एक जांच में सामने आया है कि मरने वालों में केवल लड़ाके ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चे और किशोर भी शामिल हैं।

कहां है वो ‘खूनी’ पीली रेखा?

इजरायली सेना ने सीमा तय करने के लिए कुछ जगहों पर पीले बैरल और कंक्रीट के अवरोधक लगाए हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। यह रेखा कई स्थानों पर पूरी तरह से गायब है। रिपोर्ट बताती है कि सीजफायर समझौते में तय सीमा से यह रेखा लगभग आधा किलोमीटर अंदर तक खिसका दी गई है। मैपिंग विशेषज्ञों का मानना है कि इससे इजरायल ने गाजा के एक बड़े हिस्से पर अपना नियंत्रण बढ़ा लिया है। निशानी न होने के कारण आम नागरिक इसे पहचान नहीं पाते और गोलीबारी का शिकार हो जाते हैं।

यह भी पढ़ें:  WWE स्मैकडाउन: जॉन सीना के फाइनल मैच से पहले, आज देखिए मिक्स्ड टैग टीम और यूएस टाइटल मैच

घर के दरवाजे पर मौत का पहरा

गाजा सिटी के निवासी अहमद अबू जहांल ने वहां के खौफनाक मंजर को बयां किया। उन्होंने बताया कि वे लोग पीले बैरलों से दूर ही रहते हैं। उनके घर से यह खतरनाक मार्कर 100 मीटर से भी कम दूरी पर है। जबकि इजरायली सेना के नक्शे में इसे 500 मीटर दूर बताया गया था। सेना ने स्वीकार किया है कि उन्होंने पीली रेखा के पास 57 लोगों को मारा है। सेना का दावा है कि मारे गए अधिकांश लोग उग्रवादी थे। वे एंगेजमेंट के नियमों का पालन कर रहे हैं और लोगों को चेतावनी भी देते हैं।

यह भी पढ़ें:  चीन: दुनिया का पहला थोरियम से चलने वाला परमाणु कंटेनर जहाज, 14,000 कंटेनर ले जाने की क्षमता

बफर जोन में सिमट गई जिंदगी

इजरायल ने अपनी सेना को पीछे हटाकर एक बफर जोन तैयार किया है। यह जोन 7 किलोमीटर तक गहरा है। इसमें गाजा की सबसे उपजाऊ जमीन और ऊंचे इलाके शामिल हैं। इस वजह से 20 लाख से ज्यादा फिलिस्तीनी तटीय पट्टी और मध्य गाजा में सिमट कर रह गए हैं। अल-अहली अस्पताल के निदेशक फदेल नईम बताते हैं कि उनके पास रोज गोली से घायल लोग आते हैं। इनमें से कई तो अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। तबाही के बीच इस लाइन को पहचानना लगभग नामुमकिन है।

गलती से भी पार की हद तो गोली निश्चित

सीजफायर लाइन साफ न होने के कारण लोग अक्सर गलती कर बैठते हैं। डॉक्टर नईम ने अपना अनुभव साझा किया। खान यूनिस के दौरे पर वे खुद अनजाने में इस रेखा को पार करने वाले थे। स्थानीय लोगों के चिल्लाने पर उन्हें खतरे का अहसास हुआ और वे पीछे हटे। इजरायली सेना का कहना है कि रेखा पार करने वाले लोग उनके सैनिकों के लिए खतरा होते हैं। सैनिक पहले चेतावनी देते हैं और फिर हवा में गोली चलाते हैं। कई बार चेतावनी के बाद भी लोग मारे जाते हैं।

Hot this week

Related News

Popular Categories