Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक महिला अधिकारी ने ईमानदारी की अनूठी मिसाल पेश की है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) सोना चंदेल ने नियम उल्लंघन पर न केवल अपने सरकारी वाहन का चालान काटा, बल्कि अपने परिवार के सदस्य पर भी जुर्माना लगाया। उनका यह कदम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह संदेश साफ है कि कानून की नजर में हर नागरिक बराबर है, चाहे वह खुद अधिकारी ही क्यों न हो।
जब कर्मचारी ने टोका तो काटा 500 का जुर्माना
यह मामला 20 दिसंबर 2025 का है, जब आरटीओ सोना चंदेल कालाअंब क्षेत्र में रूटीन चेकिंग पर थीं। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के निजी वाहनों के दस्तावेज जांचने शुरू किए। चेकिंग के दौरान एक कर्मचारी ने हिम्मत दिखाई और बताया कि मैडम की सरकारी गाड़ी का प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) एक्सपायर हो गया है। सोना चंदेल ने बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत अपनी ही गाड़ी का 500 रुपये का चालान काट दिया। उन्होंने मौके पर ही नया प्रदूषण प्रमाण पत्र भी बनवाया।
परिवार के सदस्य पर भी की सख्त कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब सोना चंदेल ने नियमों को लेकर इतनी सख्ती दिखाई हो। इससे पहले 27 मई 2025 को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अभियान के दौरान उन्होंने अपने परिवार के एक सदस्य की स्कूटी पकड़ी थी। स्कूटी पर उचित नंबर प्लेट न होने के कारण उन्होंने तुरंत 3,000 रुपये का जुर्माना ठोक दिया। सूत्रों के अनुसार, इस चालान की राशि का भुगतान भी उन्होंने स्वयं अपनी जेब से किया ताकि कानून का मान बना रहे।
राजस्व जुटाने में भी सबसे आगे
सोना चंदेल केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि काम के मामले में भी काफी ‘दबंग’ मानी जाती हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में उन्हें 1.5 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य मिला था, जिसके जवाब में उन्होंने 2.5 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा कराए। चालू वित्त वर्ष में भी वह अब तक पौने 3 करोड़ रुपये का राजस्व वसूल चुकी हैं। उनके इसी शानदार ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए परिवहन विभाग ने सिरमौर जिले को इनाम के तौर पर एक हाइब्रिड टोयोटा वाहन भी भेंट किया है।
अपनी इस कार्यशैली पर सोना चंदेल बहुत सादगी से कहती हैं कि यह केवल उनके कर्तव्य का हिस्सा है और कानून सबके लिए एक समान होना चाहिए।
