India News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से नशीले पदार्थों का सफाया करने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने तीन साल के एक राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की है। यह अभियान 31 मार्च से शुरू होगा। इसका लक्ष्य भारत को नशा मुक्त बनाना है। इसके तहत हर स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शाह ने यह घोषणा नारको-कोआर्डिनेशन सेंटर की बैठक में की। उन्होंने सभी विभागों को 31 मार्च तक रोडमैप बनाने का निर्देश दिया। साथ ही एक मजबूत निगरानी तंत्र स्थापित करने को कहा। इस अभियान में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करेंगी।
तीन सूत्रीय रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी सरकार
गृह मंत्रीने कहा कि सरकार तीन-सूत्रीय कार्य योजना पर काम करेगी। इसके तहत निर्माण, तस्करी और दुरुपयोग हर स्तर पर कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रग्स बेचने या बनाने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। सरकार की नीति कठोर और स्पष्ट है।
शाह ने सभी राज्यों के डीजीपी से अपील की है। उन्होंने कहा कि हर राज्य को अपना अलग रोडमैप तैयार करना चाहिए। साथ ही नशीले पदार्थों के खिलाफ ठोस कदम उठाने चाहिए। इस लड़ाई में समन्वय सबसे जरूरी हथियार होगा।
पिछले एक दशक में ड्रग्स जब्ती में उल्लेफन सुधार
गृह मंत्रीने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 2014 के बाद कार्रवाई तेज हुई है। 2004 से 2013 के बीच 26 लाख किलोग्राम ड्रग्स जब्त हुई थी। इसकी कीमत करीब 40,000 करोड़ रुपये थी। जबकि 2014 से 2025 तक 1.11 लाख किलोग्राम ड्रग्स पकड़ी गई।
इसकी कीमत 1.71 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि जब्ती की गुणवत्ता और मूल्य में भारी वृद्धि हुई है। इससे पता चलता है कि उच्च मूल्य वाले नेटवर्कों पर निशाना साधा जा रहा है।
युवाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
अमित शाह नेकहा कि देश के युवाओं को बचाना सबसे जरूरी है। युवाओं का स्वास्थ्य और उनकी सोचने की क्षमता इससे जुड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए नशा मुक्त युवा शक्ति जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। इसलिए जन जागरण अभियानों पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। स्कूल और कॉलेज स्तर पर विशेष पहल की जाएगी।
समग्र दृष्टिकोण और समयबद्ध समीक्षा पर जोर
गृह मंत्रीने कहा कि पूरे ड्रग नेटवर्क की जांच के लिए समग्र दृष्टिकोण जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों को 2029 तक का रोडमैप तैयार करने को कहा। साथ ही समयबद्ध समीक्षा तंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया। इससे कार्ययोजना की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
शाह ने कहा कि 2019 में एनसीओआरडी के पुनर्गठन के बाद काम में तेजी आई है। अब इस समस्या पर पूर्ण नियंत्रण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अब गति पकड़ ली गई है और तेजी से आगे बढ़ा जाएगा।
अमृतसर में एनसीबी कार्यालय का हुआ उद्घाटन
इस अवसर पर अमित शाह नेअमृतसर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो कार्यालय का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। यह कदम पंजाब क्षेत्र में ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को मजबूती देगा। इस बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया था। इससे देशभर के हितधारकों को जोड़ने में मदद मिली।
नक्सलवाद के बाद ड्रग्स पर केंद्रित होगी सरकार
गृह मंत्रीने संकेत दिया कि नक्सलवाद समस्या के समाधान के बाद ध्यान ड्रग्स पर केंद्रित होगा। उन्होंने नक्सलवाद खत्म करने की समय सीमा भी 31 मार्च निर्धारित की है। इसके तुरंत बाद ड्रग्स के खिलाफ नया अभियान शुरू होगा। यह दोहरी रणनीति का हिस्सा है।
इस तरह सुरक्षा चुनौतियों पर एक के बाद एक ध्यान दिया जा रहा है। इससे संसाधनों का कुशलतापूर्वक इस्तेमाल संभव होगा। दोनों मोर्चों पर एक साथ सफलता पाने का प्रयास किया जा रहा है।

