Washington News: इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला करना अमेरिका को भारी पड़ रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देश और दुनिया में भारी विरोध झेलना पड़ रहा है। इसी बीच अमेरिका पर एक नया और बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका में इसी साल फीफा वर्ल्ड कप खेला जाना है। इसके बाद 2028 में लॉस एंजेलिस में ओलंपिक खेल भी होने हैं। अब अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप को इन खेलों से बैन करने की मांग तेज हो गई है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप और उनकी सरकार पर यह बैन लग सकता है। हालांकि, इस बैन का संबंध ईरान युद्ध से बिल्कुल नहीं है। इसका सीधा कनेक्शन डोपिंग विवाद से जुड़ा है।
डोनाल्ड ट्रंप पर कौन लगा सकता है बैन?
अमेरिकी न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट छापी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) एक नया नियम लाने पर विचार कर रही है। इस नियम के लागू होने पर डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी अधिकारियों पर बैन लग सकता है। विवाद की मुख्य वजह WADA को मिलने वाला फंड है जिसे अमेरिका ने रोक दिया है। अमेरिका को साल 2024 में WADA को 3.6 मिलियन डॉलर का फंड देना था। लेकिन चीनी तैराकों के डोपिंग विवाद के कारण अमेरिका ने यह फंड रोक दिया था।
17 मार्च की बैठक में तय होगा भविष्य
रिपोर्ट में बताया गया है कि 17 मार्च मंगलवार को WADA की एग्जीक्यूटिव कमेटी की अहम बैठक है। इस बैठक के एजेंडे में इस नए नियम को शामिल किया गया है। अगर अमेरिकी सरकार फंड जारी नहीं करती और यह नियम पास हो जाता है, तो भारी नुकसान होगा। अमेरिकी सरकार पर 2028 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक में हिस्सा लेने पर बैन लग सकता है। इसका सीधा असर जून-जुलाई 2026 में होने वाले फीफा वर्ल्ड कप पर भी पड़ सकता है। यह वर्ल्ड कप अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में संयुक्त रूप से होना है।
WADA ने बैन के दावों को किया खारिज
इस सनसनीखेज रिपोर्ट के सामने आने के बाद WADA ने तुरंत एक बयान जारी किया है। एंटी डोपिंग एजेंसी ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। WADA ने स्पष्ट किया है कि सरकारों के फंड रोकने का मसला 2020 से ही चल रहा है। फिलहाल किसी भी देश या नेता पर बैन लगाने जैसा कुछ नहीं होने जा रहा है। बयान में कहा गया है कि अगर कोई नया नियम बनता भी है, तो वह पहले से तय खेलों पर लागू नहीं होगा। इसलिए वर्ल्ड कप 2026 और ओलंपिक 2028 पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
क्या था चीनी तैराकों का डोपिंग विवाद?
साल 2021 में टोक्यो ओलंपिक गेम्स का आयोजन हुआ था। इसमें चीन के 23 तैराकों ने हिस्सा लिया था। इन सभी तैराकों को उसी साल डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया था। सभी खिलाड़ी एक ही प्रतिबंधित दवा के सेवन के दोषी मिले थे। इसके बावजूद उन्हें ओलंपिक में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी गई थी। चीन ने दावा किया था कि खिलाड़ियों ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया है। चीन के मुताबिक खाने में कुछ गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ था। WADA ने तब चीन की इस दलील को मान लिया था। साल 2024 में न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में इस बात का बड़ा खुलासा हुआ था। इसके बाद ही जो बाइडेन सरकार ने WADA की फंडिंग रोक दी थी। मौजूदा ट्रंप सरकार भी इस फैसले पर पूरी तरह कायम है।

