International News: अमेरिका (America) ने एक बेहद चौंकाने वाला कदम उठाया है। अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया है। उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को भी हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई की पुष्टि अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पामेला बोंडी ने की है। इस गिरफ्तारी के बाद रूस खुलकर वेनेजुएला के समर्थन में आ गया है। इस घटना से दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है।
मादुरो पर लगे गंभीर आरोप
अटॉर्नी जनरल पामेला बोंडी ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मादुरो और उनकी पत्नी के खिलाफ न्यूयॉर्क में आरोपपत्र दाखिल हुआ है। उन पर नार्को-आतंकवाद की साजिश रचने का गंभीर आरोप है। इसके अलावा उन पर कोकीन आयात करने का भी इल्जाम लगा है। अमेरिकी अधिकारियों ने उनके पास मशीनगन और विनाशकारी हथियार होने का भी दावा किया है।
जल्द होगी कोर्ट में पेशी
पामेला बोंडी ने बताया कि मादुरो को जल्द ही अमेरिकी अदालत का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इस साहसिक कदम के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का आभार जताया है। साथ ही अमेरिकी सेना की तारीफ भी की है। उन्होंने इसे एक अविश्वसनीय और सफल अभियान बताया। सेना मादुरो को अमेरिकी धरती पर लेकर जाने की तैयारी में है।
रूस ने दी अमेरिका को चुनौती
इस कार्रवाई पर रूस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रूस ने साफ कहा है कि वह वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है। रूस ने मादुरो के नेतृत्व का समर्थन किया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सेना आक्रामक रुख अपना चुकी है। रूस का यह बयान अमेरिका के लिए एक सीधा संकेत माना जा रहा है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या यह गिरफ्तारी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय विवाद का कारण बनेगी।

