कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट के कारण अलर्ट हुई दुनिया, फिर हालात बिगड़ने के आसार, सावधानी जरूरी

Read Time:12 Minute, 23 Second

देश में बीते दिनों से लगातार कोरोना के नए केस का आंकड़ा एक लाख से नीचे बना हुआ है. सात जून को डेली न्यू केस का आंकड़ा एक लाख से कम हुआ था और तब से ये आंकड़ा एक लाख से नीचे है. पूरा देश दुआ कर रहा है कि ये आंकड़ा इसी तरह हर दिन कम होता जाए, लेकिन इसके लिए हमें और आपको मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग को अपनाए रखना होगा. जल्द से जल्द वैक्सीन लगवानी होगी और उसके बाद भी मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग को भूलना नहीं होगा. क्योंकि जिस डेल्टा वेरिएंट ने दूसरी लहर में देश को दहलाया, वो खत्म नहीं हुआ है. अभी भी जिंदा है और अब तो उसका नया रूप डेल्टा प्लस भी सामने आ चुका है. वायरस के ये नए रूप ना सिर्फ हमारे देश बल्कि अमेरिका और ब्रिटेन दुनिया के कई देशों को फिर से पहले जैसी तबाही के मुहाने पर ले जा सकते हैं.

भारत में कोरोना की दूसरी लहर में जो कहर बरपा, उसके लिए डेल्टा वेरिएंट ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. इसी वेरिएंट की वजह से ब्रिटेन में तीसरी लहर की शुरुआत होने की और अमेरिका में पटरी पर आ रहे हालात फिर से आउट ऑफ कंट्रोल होने की आशंका जताई जा रही है. ब्रिटेन में जहां चंद हफ्ते पहले तक सब कुछ काबू में आता दिख रहा था. वहां डेल्टा वेरिएंट की मार के चलते संक्रमण का ग्राफ फिर तेजी से चढ़ने लगा है. मई की शुरुआत में जहां 1800 या 1900 केस आ रहे थे. वो मई खत्म होते-होते साढ़े तीन हजार के पार पहुंच गए और लगातार बढ़ते हुए अब साढ़े सात हजार से भी ज्यादा आ रहे हैं. यही वजह है कि जिस ब्रिटेन में लॉकडाउन हटाने की तैयारियां हो रही थीं. वहां लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है. ब्रिटेन में लॉकडाउन की पाबंदियां 21 जून को खत्म होनी थी, लेकिन डेल्टा वेरिएंट की वजह से लॉकडाउन 19 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है. अगला फैसला केस में कमी आने के बाद लिया जाएगा.

कोरोना के डेल्टा वेरिएंट को लेकर दुनिया अलर्ट

इस बीच पता चला है कि ब्रिटेन में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में 90 प्रतिशत में डेल्टा वेरिएंट जिम्मेदार है. डेल्टा वेरिएंट ने ना सिर्फ ब्रिटेन बल्कि दुनिया के कई मुल्कों में फिर से हालात बिगाड़ना शुरू कर दिया है. कई मुल्कों में हालात बिगड़ने की आशंका प्रबल होती जा रही है. इनमें अमेरिका का नाम सबसे ऊपर है, जहां डेल्टा वेरिएंट के 6 फीसदी मामले दर्ज हैं. चिंता की सबसे बड़ी बात ये है कि वैक्सीन के 2 डोज लगवाने वाले भी इसकी चपेट में हैं. लिहाजा अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने डेल्टा वेरिएंट से बढ़ते संक्रमण पर जताई है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक डेल्टा वेरिएंट फिर से अमेरिका को पहले जैसे गंभीर हालात के मुहाने पर पहुंचा सकता है.

ये डेल्टा वेरिएंट अब तक दुनिया के 53 देशों में रिपोर्ट हो चुका है. मतलब वहां पर कोरोना की नई लहर आने और पहले से ज्यादा कहर बरपने की आशंका बढ़ गई है. लेकिन चिंता सिर्फ डेल्टा वेरिएंट ही नहीं है. बल्कि इसमें म्यूटेशन के बाद बना एक नया वेरिएंट भी है. जिसका नाम डेल्टा प्लस रखा गया है. अभी तक कोरोना वायरस का सबसे संक्रामक रूप डेल्टा वेरिएंट माना जा रहा है. लेकिन अब आशंका है कि डेल्टा प्लस उससे भी ज्यादा संक्रामक साबित हो सकता है. कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए सबसे कारगर दवा मानी जा रही मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज कॉकटेल को भी ये नया वेरिएंट मात दे सकता है. डेल्टा वेरिएंट भी वैक्सीन से बनी एंटीबॉडी के असर को कम करता है, लेकिन डेल्टा प्लस वेरिएंट की वजह से वैक्सीन का असर और ज्यादा कम होने की आशंका है. डेल्टा वेरिएंट लोगों को दोबारा संक्रमित करने में कामयाब रहा है. लेकिन डेल्टा प्लस को लेकर आशंका ये भी है कि डेल्टा प्लस रिकवर हो चुके लोगों के शरीर में मौजूद एंटीबॉडी को तेजी से चकमा दे सकता है और ज्यादा लोगों को दोबारा संक्रमित कर सकता है.

कोरोना वायरस ने दूसरी लहर में लोगों को दो महीने के लिए घर में लॉक कर दिया तो टूरिज्म सेक्टर की भी कमर टूट गई. लेकिन आज से देश में एक बार फिर पर्यटन पूरी तरह अनलॉक हो गया है. आज से ताजमहल समेत देश भर की सभी ऐतिहासिक धरोहरें और म्यूजियम खुल गए हैं. इसमें कुतुबमीनार, हुमायूं का मकबरा जैसे देश के 3,693 स्मारक और 50 संग्रहालय शामिल हैं. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI के मुताबिक अब सैलानी इन जगहों पर जाने के लिए टिकट ऑनलाइन ही ले सकेंगे. ASI की तरफ से इन जगहों पर कोरोना गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने को कहा गया है. लेकिन इस सख्ती के बावजूद पर्यटक यहां पहुंच भी रहे हैं और खुश भी हैं. कोरोना नियमों में ढील मिलते ही ना सिर्फ एतिहासिक धरोहरों में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है बल्कि सैलानी शिमला समेत पहाड़ों की ओर उमड़ पड़े हैं. यूं तो मौसम बारिश का है, और पहाड़ों में कई स्थानों पर जोरदार बारिश हो रही है. लेकिन महीनों तक कोरोना बंदिशों में रहने के बाद लोग मानने वाले कहां है. ऐसे में हम आपको तीन पर्यटन स्थलों से राहत देने वाली रिपोर्ट दिखाते हैं. देश के अनलॉक होने के साथ ही टूरिस्ट डेस्टिनेशन भी गुलजार होने लगे हैं.

फिर गुलजार होने लगे हैं पहाड़

इन पहाड़ों की बेपनाह खूबसूरती को बयां करने के लिए ही शायरों और कवियों ने न जाने कितनी पंक्तियां लिख दीं. किसी ने इसे पहाड़ों की रानी कहां. किसी ने जन्नत. लेकिन लॉकडाउन में बिखर गई यहां की रौनक एक बार फिर लौट आई है. पहाड़ फिर गुलजार होने लगे हैं. और चंद दिनों में ही सैलानियों की बाढ़ आ गई है. हिमाचल में कोरोना का असर कम होने और कर्फ्यू की बंदिशें ढीली होते ही पर्यटन उद्योग को फायदा होने लगा है. दूसरे राज्यों से पर्यटक शिमला, मनाली, धर्मशाला और डलहौजी पहुंचने लगे हैं. ये तस्वीरें इस बात की तस्दीक हैं कि पहाड़ों की रंगत लौटी है. सरकार ने पर्यटकों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट की अनिवार्यता खत्म कर दी है. लिहाजा सूबे के पर्यटन स्थलों में बीते तीन दिन में ही बड़ी संख्या में टूरिस्ट पहुंचे हैं. सैलानियों की पहली पसंद हिल्स क्वीन शिमला में तो गाड़ियों का सैलाब आ गया है. यहां बीते 60 घंटे में 8100 गाड़ियां पहुंची हैं. आलम ये रहा है कि राजधानी की सड़कें जाम हो गईं. अचानक पर्यटकों के आने से शिमला में 30 फीसदी होटल फुल हो गए.

सोलन के परवाणू में कालका शिमला एक्सप्रेस हाईवे पर गाड़ियों की लंबा कतारें लग गई. शिमला के एसपी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा. क्योंकि कोरोना नियमों में लापरवाही कभी भी इन खुशियों पर भारी पड़ सकती है. लिहाजा यहां पर्यटकों को मास्क पहनने की हिदायत दी गई. पहाड़ों में पर्यटकों की भीड़ देखकर सरकार भी गदगद है. लेकिन कोविड नियमों के पालन के लिए सख्त आदेश भी दिए गए हैं. मैदानी इलाकों में भारी गर्मी से टूरिस्ट पहाड़ों का रुख कर रहे हैं. शिमला पहुंचे पर्यटक भी कह रहे हैं कि यहां चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है. साथ ही खुशी भी कि काफी समय बाद घूमने निकले हैं. निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म होते ही हजारों सैलानियों ने कुल्लू मनाली का भी रुख किया है. मॉल रोड से लेकर रोहतांग दर्रा तक पर्यटकों की संख्या बढ़ी है. मनाली के होटलों में 20 फीसदी से ज्यादा ऑक्यूपेंसी हैं. 700 होटल पूरी तरह से खुल गए हैं. पर्यटकों की संख्या में हुए इजाफे से कारोबारियों की चांदी हो गई है. हालांकि ये सीज़न का अंतिम दौर है. लेकिन उम्मीद है कि और पर्यटक मनाली का रुख करंगे और उन्हें अच्छी आमदनी होगी.

शिमला और कुल्लू-मनाली की तरह सैलानी उत्तराखंड में झीलों की नगरी नैनीताल भी पहुंच रहे हैं. नैनीझील में बोटिंग का दिल से आनंद ले रहे हैं और पर्यटन कारोबार पटरी पर लौटी है. नैनीताल में एक बार फिर पर्यटकों की चहलकदमी बढ़ी है. पर्यटक लम्बे अर्से बाद नैनीताल आकर बेहद खुश हैं. कोविड गाइडलाइन का पालन करने का वादा भी कर रहे हैं. हालांकि होटल कारोबारी हिमाचल की तर्ज पर उत्तराखंड में पूर्ण अनलॉक की मांग कर रहे हैं. वैसे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्रोत पर्यटन ही है. अबतक पर्यटन बंद होने से यहां काफी नुकसान हुआ था. लेकिन बाजारों के खुलने से लोगों को उम्मीद बंधी है. साथ ही डर भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने से कहीं राज्य में फिर से संक्रमण का खतरा न बढ़ जाए. ऐसे में सतर्कता भी जरूरी है.

error: Content is protected !!
Hi !
You can Send your news to us by WhatsApp
Send News!