हिमाचल के जिला चंबा की मैहला विकास खंड की ग्राम पंचायत सराहन में ग्रामसभा की बैठक हुई जिसमें शराबबंदी का अहम फैसला लिया गया है। आपको बता दें कि शराबबंदी का फैसला लेने वाली सराहन जिला की पहली पंचायत बन गई है। साथ ही अब इसके तहत इस पंचायत में अब शराब का ठेका खोलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। और अवैध शराब का कारोबार करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, शराब पीकर लड़ाई-झगड़ा करने वाले को पंचायत की विभिन्न योजनाओं से भी वंचित कर दिया जाएगा। पंचायत के इस फैसले से महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। पंचायत में शराबबंदी के फैसले को लेकर बाकायदा प्रस्ताव पारित कर रजिस्ट्रर में एंट्री की गई है। ग्रामसभा की बैठक की अध्यक्षता पंचायत प्रधान पवन कुमार ने की। ग्रामसभा की बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि यािद किसी परिवार के पास आय का साधन न होने के चलते उन्हें गुजर- बसर में मुश्किलें पेश आ रही हैं, तो पंचायत इसमें सहयोग करेगी।

साथ ही आपको बता दें कि बीपीएल परिवारों का चयन, अपात्रों को सूची से हटाने, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र लाभार्थियों के चयन सहित चलो चंबा अभियान को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में ग्रामीण विकास व जनहित से जुडे़ मुद्दों को लेकर भी प्रस्ताव पारित किए गए। ग्रामसभा में विशेष तौर से मौजूद जिला परिषद सदस्य मनोज कुमार ने बताया कि पंचायत का शराबबंदी का फैसला नशा मुक्ति अभियान की दिशा में एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी का फैसला लेकर पंचायत ने जो पहल की है उसका वे समर्थन करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला की अन्य पंचायतें भी नशा मुक्ति अभियान में अहम योगदान देते हुए अपने-अपने एरिया में शराबबंदी के फैसले को लागू करेंगी। इस मौके पर उपप्रधान सुदर्शन कुमार, पंचायत सचिव किशोर कुमार व वार्ड सदस्यों सहित 300 ग्रामीण मौजूद रहे।

By

error: Content is protected !!