Himachal News: हिमाचल प्रदेश में एचआईवी (HIV) संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसका शिकार प्रदेश के युवा हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों ने खतरे की घंटी बजा दी है। प्रदेश में कुल संक्रमितों में 60 प्रतिशत से ज्यादा लोग 16 से 45 साल की उम्र के हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।
कांगड़ा और हमीरपुर में हालात गंभीर
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे हिमाचल में एचआईवी के कुल 6490 मामले दर्ज हैं। इनमें 3613 पुरुष और 2842 महिलाएं शामिल हैं। जिलों की बात करें तो कांगड़ा में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहाँ सर्वाधिक 1722 लोग संक्रमित पाए गए हैं। दूसरे नंबर पर हमीरपुर जिला है, जहां 1071 मरीज हैं। मंडी में 794 और ऊना में 707 लोग इसकी चपेट में हैं। वहीं, लाहौल-स्पीति में सबसे कम 12 मामले सामने आए हैं।
कॉलेजों में रेड रिबन क्लब का पहरा
युवाओं को इस बीमारी से बचाने के लिए विभाग ने विशेष अभियान छेड़ा है। कॉलेजों में ‘रेड रिबन क्लब’ के जरिए छात्रों को जागरूक किया जा रहा है। कांगड़ा के जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सूद ने बताया कि जिले के 29 आईटीआई और इंजीनियरिंग कॉलेजों में यह मुहिम चल रही है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को असुरक्षित व्यवहार के खतरों और बचाव के उपायों के बारे में बताना है।
31 से 45 साल के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित
उम्र के हिसाब से देखें तो उत्पादक वर्ग इस बीमारी का सबसे बड़ा शिकार बना है। प्रदेश में 31 से 45 वर्ष आयु वर्ग के सबसे ज्यादा 3,159 मरीज हैं। वहीं, 16 से 30 वर्ष के बीच के 1,469 युवा संक्रमित हैं। रेड रिबन क्लब के वॉलिंटियर्स युवाओं को भ्रामक धारणाओं से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही संक्रमित व्यक्तियों के प्रति भेदभाव न करने और संवेदनशील नजरिया रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
