लखनऊ । देशभर में एक तरफ आज जहां कोरोना वैक्सीन की मंजूरी मिलने के बाद ड्रायरन चल रहा है, वहीं दूसरी ओर वैक्सीन को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख अखिलेश यादव का एक बड़ा बयान सामने आया है। अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि वे कोरोना वैक्सनी नहीं लगवाएंगे। अखिलेश ने कहा कि मुझे तो कोरोना महामारी नहीं दिखती है और मुझे भाजपा की कोरोना वैक्सीन पर भी भरोसा नहीं है। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद भाजपा ने भी उन पर पलटवार किया है।

इधर अखिलेश यादव के बयान पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने जान है तो जहान है की बात कही थी। कोरोना वैक्सीन तैयार करने में भारत सहित दुनियाभर के वैज्ञानिक रात दिन काम कर रहे हैं। अखिलेश यादव को अपनी डूबती राजनीति को बचाने के लिए ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण बयानबाजी नहीं करना चाहिए।

श्री अखिलेश यादव जी को वैक्सीन पर भरोसा नहीं है और उत्तर प्रदेश वासियों को श्री अखिलेश यादव पर भरोसा नहीं है।

अखिलेश जी का वैक्सीन पर सवाल उठाना, हमारे देश के चिकित्सकों एवं वैज्ञानिकों का अपमान है जिसके लिए उन्हें माफ़ी माननी चाहिए।

— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) January 2, 2021


इधर उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव को कोरोना वैक्सीन पर भरोसा नहीं है और उत्तरप्रदेश के लोगों को अखिलेश यादव पर भरोसा नहीं है। वैक्सीन पर सवाल उठाकर अखिलेश यादव तमाम वैज्ञानिकों का अपमान कर रहे हैं। साथ ही अयोध्या के विकास की बात करने संबंधी अखिलेश के बयान पर मौर्य ने कहा कि रामभक्तों के खून से अयोध्या को लाल करने वालों के मुंह से आयोध्या के विकास की बात करना शोभा नहीं देता। उत्तर प्रदेश की जनता अब 25 साल अखिलेश यादव को मौका नहीं देने वाली है। गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा था कि समाजवादी पार्टी का सरकार आएगी तो अयोध्या में नगर निगम का टैक्स खत्म कर दिया जाएगा।

अखिलेश यादव जी को वैक्सीन पर भरोसा नहीं है और उत्तर प्रदेश वासियों को श्री अखिलेश यादव पर भरोसा नहीं है।

अखिलेश जी का वैक्सीन पर सवाल उठाना, हमारे देश के चिकित्सकों एवं वैज्ञानिकों का अपमान है जिसके लिए उन्हें माफ़ी माननी चाहिए।

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