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यूपी सरकार में बड़ा फेरबदल संभव, मोदी के करीबी ए के शर्मा को डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा

भाजपा और संघ के बीच दिल्ली में हुई हाई लेवल मीटिंग के बाद अब उत्तर प्रदेश में बड़े बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं। ऐसा इसलिए भी, क्योंकि मीटिंग से पहले ही उत्तर प्रदेश में कोरोना के हालात को लेकर केंद्रीय मंत्री, UP सरकार के मंत्री और दूसरे नेता चिट्ठी लिख चुके हैं। अब कयास लग रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के करीबी पूर्व आईएएस और मौजूदा एमएलसी एके शर्मा को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।

इस चर्चा की वजह भी है। पूर्वांचल और बनारस में शर्मा के कोविड मैनेजमेंट के मोदी ने खुद तारीफ की थी। सूत्रों के मुताबिक, बनारस और पूर्वांचल में मैनेजमेंट में शर्मा के सफल होने से मोदी खुश हैं। और अब भाजपा और संघ की बैठक के बाद जल्द ही उत्तर प्रदेश सरकार में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

सरकार में दो डिप्टी सीएम ही रहेंगे या तीन, इस पर मंथन
आरएसएस के सरसंघ कार्यवाहक दत्तात्रेय होसबोले, केंद्रीय नेतृत्व भाजपा और उत्तर प्रदेश के संगठन महामंत्री की मौजूदगी में दिल्ली में एक अहम बैठक की गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बैठक में उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव 2022 की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

संघ और भाजपा की इस बैठक को अहम माना जा रहा हैं। मीटिंग के बाद से ही कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है जल्द ही यूपी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। अब सरकार में दो डिप्टी सीएम रहेंगे या तीन इस पर मंथन चल रहा हैं। उत्तर प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री सुनील बंसल बीते 2 दिनों से दिल्ली में मौजूद हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मई महीने में कभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। इस विस्तार में 5 नए चेहरे शामिल किए जाएंगे और करीब 7 हटाए जाएंगे।

नए चेहरों के सहारे छवि बदलने की कोशिश

पूर्वांचल को कोरोना आपदा से बचाने की जिम्मेदारी संभाल रहे पूर्व आईएएस व एमएलसी एके शर्मा ने 20 जिलों के साथ बनारस में जो प्रबंधन किया। उसके बाद उनकी भूमिका की सराहना प्रधानमंत्री ने भी की थी। सीएम योगी के साथ रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में एके शर्मा भी मौजूद रहे।

माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार में प्रबंधन को लेकर कई तरह के अलग-अलग सवाल उठते चले आ रहे हैं। ऐसे में एके शर्मा का उत्तर प्रदेश सरकार में सक्रिय होना और सरकार के अगले मंत्रिमंडल में जगह पाने की पूरी संभावना बताई जा रही है। इस वक्त यूपी की योगी आदित्यनाथ कैबिनेट के तीन मंत्रियों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है। ऐसे में मंत्रिमंडल का पुनर्गठन आने वाले चुनाव के लिए समीकरण साधने में मदद करेगा।

प्रदेश के मौजूदा 7 मंत्रियों की पीएमओ तक पहुंची शिकायत

उत्तर प्रदेश सरकार के 7 ऐसे मंत्रियों की शिकायत पीएमओ तक पहुंची है, जिनके विभागों में लगातार भ्रष्टाचार और अन्य गड़बड़ियों की जानकारी सामने आई है। ऐसे में माना जा रहा है कि, कुछ मंत्रियों को आगामी मंत्रिमंडल के विस्तार में हटाया जा सकता है। जिसमें बीते समय हुए मंत्रिमंडल के विस्तार में जगह मिले दो मंत्रियों के भी नाम शामिल होने की संभावना हैं।

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