National News: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपनी कार्यशैली का अनोखा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि वह सरकारी कामकाज के लिए इंटरनेट का उपयोग नहीं करते। यहां तक कि वह फोन का भी बहुत सीमित इस्तेमाल करते हैं। डोभाल ने यह बात नई दिल्ली में आयोजित युवा नेताओं के संवाद कार्यक्रम में कही।
उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि संपर्क के लिए कई गोपनीय तरीके हैं। इन तरीकों के बारे में आम लोगों को जानकारी नहीं होती। डोभाल फोन का प्रयोग केवल परिवार या विदेशी प्रतिनिधियों से बात करने के लिए करते हैं। तकनीकी युग में ऐसी आदतों ने सभी को हैरान कर दिया है।
इतिहास से सीख और युवाओं को सलाह
अजीत डोभाल नेयुवाओं को देश के इतिहास से सीख लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारत महान सभ्यता रहा है। इसने कभी किसी पर हमला नहीं किया। लेकिन अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज करने की कीमत चुकानी पड़ी। देश को गुलामी और हमलों का दर्द सहना पड़ा।
उन्होंने कहा कि बदला शब्द कड़वा लग सकता है। लेकिन इसे देश की उन्नति की ताकत बनाना चाहिए। हमें अपने इतिहास का बदला भारत को सबसे शक्तिशाली देश बनाकर लेना है। इसका मतलब आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के हर क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचना है।
युवाओं को दो परिणाम सोचने की सीख
डोभाल नेयुवा नेताओं को जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले उसके अगले दो परिणामों के बारे में जरूर सोचना चाहिए। इससे गलत निर्णय लेने की संभावना कम हो जाती है। यह सिद्धांत व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन दोनों के लिए उपयोगी है।
उनका मानना है कि सोच समझकर लिया गया निर्णय दीर्घकालिक सफलता देता है। डोभाल ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और प्रगति सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
डोभाल की छवि और कार्यशैली
अजीत डोभाल कोअक्सर देश का सबसे बड़ा जासूस या जेम्स बॉन्ड कहा जाता है। उनकी कार्यशैली हमेशा से रहस्यमय और प्रभावशाली रही है। तकनीक से दूरी बनाए रखना उनकी सुरक्षा रणनीति का हिस्सा लगता है। इससे साइबर जोखिम और निगरानी के खतरे कम होते हैं।
वह पारंपरिक और अत्यधिक सुरक्षित संचार तरीकों पर भरोसा करते हैं। यह उनके दीर्घकालिक गुप्तचर अनुभव का प्रतिबिंब है। डोभाल की यह दृष्टि आधुनिक तकनीक पर निर्भरता के जोखिमों को रेखांकित करती है। यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है।
