New Delhi: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने Air India के एक पायलट पर सख्त कार्रवाई की है। तकनीकी खराबी के बावजूद विमान उड़ाने पर पायलट को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह पूरा मामला फ्लाइट संख्या AI-358 से जुड़ा है। आरोप है कि पायलट ने यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर उड़ान भरी। डीजीसीए ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है।
दरवाजे के पास से आ रही थी जलने की बदबू
जांच में पता चला कि विमान में पहले से कई गंभीर तकनीकी खामियां मौजूद थीं। इसके बावजूद Air India के पायलट ने विमान को ऑपरेट करने का जोखिम भरा फैसला लिया। रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाइट के R2 दरवाजे के पास धुएं जैसी अजीब गंध आ रही थी। इसके अलावा लेफ्ट एयर साइकिल मशीन और पैक मोड से जुड़ी चेतावनी भी सिस्टम पर दिख रही थी। इतनी खामियां सामने आने के बाद भी पायलट ने विमान को उड़ाया।
उड़ान भरने की नहीं थी मंजूरी
डीजीसीए की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पाया गया कि विमान (VT-ANI) को ‘मिनिमम एक्विपमेंट लिस्ट’ (MEL) के नियमों के तहत उड़ने की अनुमति नहीं थी। यह सीधे तौर पर सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट (CAR) का उल्लंघन है। जांच में लोअर राइट रीसर्कुलेशन फैन से जुड़े नियमों की अनदेखी भी पाई गई। Air India के क्रू ने विमान उड़ाने से पहले तकनीकी सुरक्षा का सही आकलन नहीं किया।
पायलट को 14 दिन में देना होगा जवाब
सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक को देखते हुए डीजीसीए ने पायलट को कारण बताओ नोटिस थमाया है। पायलट को 14 दिनों के भीतर अपना जवाब देना होगा। आपको बता दें कि MEL एक आधिकारिक सूची होती है। यह तय करती है कि कौन से पार्ट खराब होने पर भी विमान उड़ सकता है। Air India की इस फ्लाइट ने इन शर्तों का पालन नहीं किया था। उड़ान से पहले इस लिस्ट की जांच करना पायलट की जिम्मेदारी होती है।
