Uttar Pradesh News: ताजनगरी आगरा से सोशल मीडिया पर फैल रही अश्लीलता के खिलाफ एक मां ने सख्त कदम उठाया है। एक स्थानीय महिला ने लाखों फॉलोअर्स वाले इन्फ्लुएंसर के खिलाफ साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह कार्रवाई तब हुई जब मोबाइल एल्गोरिदम ने उसके बच्चों के सामने आपत्तिजनक विडियो पहुंचा दिए।
रूबी तोमर नामक यह महिला आयुर्वेदिक दवा व्यवसाय से जुड़ी हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम के एक खास अकाउंट पर अश्लील सामग्री डालने का आरोप लगाया है। इस अकाउंट के विडियो पर करोड़ों व्यूज हैं और इसके लाखों फॉलोअर्स हैं। फेसबुक पर भी इस इन्फ्लुएंसर की मजबूत उपस्थिति बताई जा रही है।
घटना की शुरुआत चार जनवरी को एक पार्लर से हुई। वहां एक दूसरी महिला के फोन पर रील देखते समय अचानक अश्लील विडियो आ गया। रूबी ने उस समय इस पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन अगले दिन पांच जनवरी को स्थिति गंभीर हो गई।
उनके अपने घर पर बच्चे सामान्य विडियो देख रहे थे। तभी प्लेटफॉर्म का एल्गोरिदम वही अश्लील रील उनकी स्क्रीन पर ले आया। बच्चों के सामने ऐसी सामग्री देखकर रूबी स्तब्ध रह गईं। इस घटना ने उन्हें तुरंत कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया।
रूबी ने उस संदिग्ध पेज की गहन जांच शुरू की। उन्होंने पाया कि वहां अधिकतर विडियो में भद्दे इशारे और आपत्तिजनक ऑडियो थे। कमेंट सेक्शन भी अश्लील टिप्पणियों से भरा पड़ा था। यह सामग्री सीधे तौर पर सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ थी।
साइबर थाने में दर्ज हुई शिकायत
इसके बाद रूबी तोमर ने केवल बच्चों से फोन छीनने तक सीमित नहीं रहीं। उन्होंने सीधे साइबर थाने का रुख किया और एक विस्तृत लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने इन्फ्लुएंसर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
उनका कहना है कि ऐसा कंटेंट बच्चों के कोमल मानस पर बुरा प्रभाव डालता है। यह उनके मानसिक विकास के लिए गंभीर खतरा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फिल्टर की कमी इस समस्या को बढ़ा रही है।
रूबी की मुख्य मांग है कि ऐसे खातों को तुरंत ब्लॉक किया जाए। साथ ही उन्होंने संबंधित इन्फ्लुएंसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी अपील की है। इस मामले में साइबर पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बच्चों की सुरक्षा का बड़ा सवाल
यह घटना डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एल्गोरिदम कई बार उम्र के अनुकूल सामग्री का चयन करने में विफल रहते हैं। इससे मासूम बच्चे अनजाने में ही अनुपयुक्त कंटेंट के संपर्क में आ जाते हैं।
पेरेंट्स और शिक्षक इस समस्या से लगातार जूझ रहे हैं। सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे बेहतर फिल्टर लगाएं। उन्हें एल्गोरिदम को संवेदनशील बनाना चाहिए ताकि बच्चे सुरक्षित रह सकें।
भारत में साइबर सुरक्षा कानून ऐसे मामलों में कार्रवाई का प्रावधान देते हैं। आईटी एक्ट की धारा ६७ के तहत अश्लील सामग्री ऑनलाइन प्रसारित करना दंडनीय अपराध है। पीड़ित पार्टी सीधे साइबर सेल में शिकायत दर्ज करा सकती है।
समाज में जागरूकता की आवश्यकता
रूबी तोमर का यह कदम समाज के लिए एक मिसाल है। अक्सर लोग ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन सही समय पर कानूनी रास्ता अपनाना जरूरी होता है। इससे दूसरे लोग भी प्रोत्साहित होते हैं।
बच्चों को टेक्नोलॉजी से दूर रखना समाधान नहीं है। बल्कि सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाना जरूरी है। माता-पिता को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। उन्हें इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के बारे में शिक्षित भी करना चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। केवल विज्ञापन राजस्व पर ध्यान केंद्रित करना ठीक नहीं है। उन्हें समुदाय दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करवाना चाहिए। उपयोगकर्ताओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई भी जरूरी है।
यह मामला अभी पुलिस जांच के दायरे में है। आगरा साइबर सेल संबंधित इन्फ्लुएंसर के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। इस घटना से यह संदेश मिलता है कि सामूहिक प्रयास से डिजिटल गंदगी पर अंकुश लगाया जा सकता है।

