Washington News: वेनेजुएला में सैन्य ऑपरेशन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी आक्रामक मूड में हैं। उन्होंने ईरान और मैक्सिको समेत कुल 6 देशों को सैन्य कार्रवाई की धमकी दे दी है। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप के लिए अगला हमला करना आसान नहीं होगा। अमेरिकी संसद में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने उन्हें रोकने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। विपक्ष ने ट्रंप प्रशासन को घेरने के लिए पांच बड़े दांव चलने का फैसला किया है।
इन 6 देशों को मिली चेतावनी
वेनेजुएला एक्शन के तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बैक-टू-बैक कई देशों को निशाने पर लिया है। इनमें ईरान, कोलंबिया, क्यूबा, ग्रीनलैंड और मेक्सिको प्रमुख हैं। ट्रंप के इस रुख से दुनिया भर में तनाव का माहौल है। हालांकि, वाशिंगटन के सियासी गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के लिए अब मनमानी करना मुश्किल होगा। अगर डेमोक्रेट्स के प्रस्ताव पास हुए तो राष्ट्रपति बैकफुट पर आ सकते हैं।
संसद में ऐसे घिरेंगे डोनाल्ड ट्रंप
डेमोक्रेट्स सांसद इस महीने के अंत तक ट्रंप प्रशासन के खिलाफ कड़े प्रस्ताव ला रहे हैं। इनका मकसद राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों (War Powers) पर लगाम लगाना है।
- संसद की मंजूरी जरूरी: विपक्ष सबसे पहले युद्ध शक्तियों को कंट्रोल करने वाला प्रस्ताव लाएगा। इसके तहत व्हाइट हाउस को किसी भी देश पर हमला करने से पहले संसद की मंजूरी लेनी होगी। अगर सरकार संसद को बताएगी, तो प्लान लीक हो जाएगा। इससे डोनाल्ड ट्रंप के लिए गुप्त हमले करना नामुमकिन हो जाएगा।
- खर्च का हिसाब: डेमोक्रेट्स एक नियम यह भी ला रहे हैं कि सरकार को हर सैन्य अभियान के खर्च का ब्योरा देना होगा। चुनाव प्रचार में ट्रंप ने वादा किया था कि वे विदेशी युद्धों में अमेरिकी पैसा खर्च नहीं करेंगे। विपक्ष अब इसी वादे पर उन्हें घेरने की तैयारी में है।
बजट रोकने का सीक्रेट प्लान
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस के मुताबिक, 30 जनवरी को सरकारी फंड की समय सीमा को लेकर संसद में वोटिंग होनी है।
- डिफेंस बजट पर कैंची: विपक्ष ने वाशिंगटन में एक सीक्रेट मीटिंग की है। उनकी योजना रक्षा बजट को फंसाने की है। अगर यह प्रस्ताव अटकता है, तो सरकार को सेना पर खर्च करने में दिक्कत आएगी।
- पेंटागन के फंड में कटौती: डोनाल्ड ट्रंप ने रक्षा बजट को करीब 135 लाख करोड़ रुपए करने का फैसला किया है। इसके जवाब में विपक्षी सांसद पेंटागन को मिलने वाले फंड में भारी कटौती का प्रस्ताव ला सकते हैं।
कमला हैरिस ने भी खोला मोर्चा
विपक्षी सांसद अब हर हफ्ते एक रिपोर्ट जारी करेंगे। इसमें बताया जाएगा कि ट्रंप के फैसलों से अमेरिका और वहां के आम नागरिकों को भविष्य में क्या नुकसान होगा। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान मामदानी और पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस पहले ही वेनेजुएला ऑपरेशन का खुलकर विरोध कर चुकी हैं। विपक्ष का मानना है कि इन रिपोर्टों से डोनाल्ड ट्रंप की ‘मागा’ (MAGA) मुहिम को कमजोर किया जा सकेगा।

