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पाबंदियां हटते ही पटरी पर आने लगी ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था

ब्रिटेन में अप्रैल महीने में ‘लॉकडाउन’ पाबंदियों में ढील दिये जाने के साथ उसकी अर्थव्यवस्था में जुलाई 2020 के बाद से तीव्र गति से वृद्धि हुई है. इससे यह संकेत मिलता है कि अर्थव्यवस्था अब पटरी पर लौटने लगी है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार अप्रैल महीने में अर्थव्यवस्था में 2.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई. इसका कारण दुकानों और सेवा प्रदाताओं को कामकाज शुरू करने की अनुमति देना है. अप्रैल में कई महीनों बाद छात्रों ने स्कूल जाकर पढ़ाई की. वहीं होटल और रेस्तरां को भी ग्राहकों को बाहरी परिसर में सेवा देने की अनुमति दी गयी. ब्रिटेन में नये कोरोना वायरस संक्रमण में तेजी से कमी और टीकाकरण अभियान को तेजी से चलाये जाने के बाद पाबंदियों को हटाया गया है.

अप्रैल में दर्ज की गई वृद्धि के बावजूद, ब्रिटिश अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर फरवरी 2020 की तुलना में कम रही. उसी समय से देश में ‘लॉकडाउन’ लगाया गया था. अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में केवल निर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन महामारी पूर्व स्तर से बेहतर रहा. ऐसा अनुमान है कि आने वाले समय में ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी क्योंकि अन्य पाबंदियों को भी धीरे-धीरे हटाया जा रहा है.

बेरेनबर्ग बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री होल्गर श्मीडिंग ने कहा, ‘वसंत 2020 में ऐतिहासिक गिरावट के बाद, ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है और वर्ष के अंत तक इसके महामारी पूर्व स्तर पर आने की उम्मीद है.’ उन्होंने कहा, ‘हाल के आंकड़ों के रुझानों को देखते हुए, यह और भी जल्दी हो सकता है.’ हालांकि, ज्यादातर क्षेत्रों को खोल दिया गया है और अन्य क्षेत्रों को माह के अंत तक फिर से खोले जाने की अनुमति देने की उम्मीद है. लेकिन हाल में संक्रमण के मामलों में वृद्धि को देखते हुए, इसमें देरी हो सकती है.

लेकिन तेजी से चलाये जा रहे टीकाकरण अभियान से नये संक्रमण पर काबू पा लिये जाने की उम्मीद है. अभी तक के जो संकेत है, संक्रमित लोगों में युवा आबादी है, जिन्हें अभी टीके की पहली खुराक लगनी बाकी है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन पाबंदियों में आगे और ढील दी जानी है या नहीं, इस बारे में सोमवार को घोषणा कर सकते हैं.


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