धवाला और महेश्वर सिंह के बाद पूर्व मंत्री रूप सिंह ने भी मांगा टिकट, महेश्वर ने की मंत्री के यहां भर्ती की जांच की मांग

हिमाचल प्रदेश के ज्वालामुखी से भाजपा विधायक रमेश धवाला, मंडी के पूर्व सांसद और कुल्लू के पूर्व विधायक महेश्वर सिंह के बाद अब पूर्व मंत्री रूप सिंह ने भी ओक ओवर पहुंचकर अपने कड़े तेवर दिखाए हैं। चुनावी वर्ष में मंडी जिले से वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर फिर सक्रिय हो गए हैं। संगठन के कई नेताओं के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रूप सिंह शनिवार को ओकओवर शिमला में मुख्यमंत्री जयराम से मिले। उन्होंने नाम लिए बिना संगठन के कई नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोला और संगठन में सम्मान मांगा। रूप सिंह शांता और धूमल सरकारों में मंत्री रहे हैं। उनके पास वन, स्वास्थ्य, आबकारी जैसे महत्वपूर्ण महकमे रह चुके हैं।

रूप सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री से हुई भेंट के बाद बताया कि वह वरिष्ठ नेता हैं तो क्षेत्र में कार्य उनके कहने पर भी होने चाहिए। उन्होंने सीएम से सम्मान की बात उठाते हुए किसी का नाम नहीं लिया। मगर संगठन में बडे़ चौधरी बने टके-टके के लोग अगर सम्मान न दें, तो ये सही नहीं है। वह छह बार जीते, तीन बार मंत्री रहे और 28 साल तक जीतते रहे हैं। संगठन अगर आज चला है तो उसमें उनका भी योगदान है। रूप सिंह सुंदरनगर से चुनाव लड़ते आए हैं। 2012 के चुनाव में उनका टिकट कट गया था। इसे राकेश जमवाल ने झटका। उस वक्त रूप सिंह बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े। सुंदरनगर में भाजपा के दो गुटों में बंटने के बाद कांग्रेस के सोहन लाल विधायक बने थे।

वर्ष 2017 मैं भी राकेश जमवाल को दोबारा टिकट मिला तो वह चुनाव जीत गए। दूसरी बार टिकट कटने के बाद जयराम सरकार में भी रूप सिंह खुद को उपेक्षित मानते रहे हैं। वह एक बार पहले भी नाम लेकर भाजपा विधायक राकेश जम्वाल और अन्य नेताओं से सम्मान का मुद्दा उठा चुके हैं। हाल में मंडी लोकसभा सीट के उपचुनाव के दौरान रूप सिंह कोविड संक्रमण के बाद डाक्टरी सलाह पर विश्राम करने की बात कर घर से बाहर नहीं निकले। उनके बेटे अभिषेक ठाकुर ने भी खुद को प्रचार से दूर रखा। इससे सुंदरनगर मैं भाजपा को करीब नौ सौ मतों की लीड मिल पाई।

धवाला मांग रहे जल्दी टिकट, महेश्वर ने मंत्री के यहां भर्ती की मांगी है जांच

हाल ही में रमेश धवाला के इस बयान से भाजपा में नई हलचल पैदा हो गई थी कि पार्टी को अभी से अपने टिकट तय कर देने चाहिए। इससे भाजपा की अगली सरकार बनाने के लिए प्रत्याशी ठीक से प्रचार कर पाएंगे। उनके इस बयान का पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राधारमण शास्त्री ने भी यह कहकर उनकी बात का समर्थन किया था कि विधायकों में टिकट पर संशय की स्थिति नहीं होनी चाहिए। इसके बाद महेश्वर सिंह ने सीएम जयराम ठाकुर से ओक ओवर में ही भेंट कर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के हलके मैं ज्यादा और अपने यहां कम मल्टीपर्पज वर्कर्स भर्ती करने पर एतराज करते हुए इसकी जांच मांगकर फिर हलचल पैदा की थी। अब रूप सिंह ठाकुर भी अपनी नाराजगी जाहिर करने ओक ओवर पहुंच गए।

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