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20 साल बाद टूटी ‘कसम’! उद्धव और राज ठाकरे ने एक साथ आकर मुंबई को दिया यह बड़ा ‘वचन’

Mumbai News: मायानगरी मुंबई की राजनीति में रविवार को एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। बीएमसी (BMC) चुनाव की आहट के बीच ठाकरे बंधु करीब दो दशक बाद एक ही मंच पर साथ नजर आए। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे (MNS) अध्यक्ष राज ठाकरे ने एक साथ मिलकर अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया है। सबसे खास बात यह रही कि राज ठाकरे 20 साल बाद दादर स्थित ‘शिवसेना भवन’ पहुंचे। Mumbai News की सुर्खियों में आज ठाकरे भाइयों का यह मिलन और उनके द्वारा किए गए बड़े वादे छाए हुए हैं।

‘शिवशक्ति का वचननामा’ में क्या है खास?

उद्धव और राज ने अपने संयुक्त घोषणापत्र को ‘शिवशक्तीचा वचननामा, ठाकरेंचा शब्द’ नाम दिया है। इसमें मुंबई की पहचान और नागरिक सुविधाओं को सबसे ऊपर रखा गया है। दोनों नेताओं ने मुंबईकरों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का बड़ा संकल्प लिया है। गठबंधन ने शहर में 5 नए मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा किया है। साथ ही, सरकारी अस्पतालों की ओपीडी (OPD) क्षमता को दोगुना करने की बात कही गई है। इन्होंने अस्पतालों के निजीकरण का विरोध करते हुए आम जनता को रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएं मुफ्त देने का भरोसा दिलाया है।

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मुफ्त बिजली और सफर का वादा

Mumbai News के अनुसार, इस घोषणापत्र में आम आदमी की जेब का भी ख्याल रखा गया है। गठबंधन ने 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का वादा किया है। इसके अलावा बेस्ट (BEST) बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। महिलाओं और छात्रों के लिए बस का सफर पूरी तरह मुफ्त करने की घोषणा की गई है। शहर को ट्रैफिक जाम से बचाने और पार्किंग की समस्या सुलझाने के लिए भी रोडमैप तैयार किया गया है। फुटपाथों को पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित बनाने का वादा भी इस वचननामे में शामिल है।

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मराठी मानुष और अस्तित्व की लड़ाई

शनिवार को राज ठाकरे और संजय राउत के बीच हुई गुप्त बैठक के बाद ही इस गठबंधन की तस्वीर साफ हो गई थी। यह चुनाव उद्धव ठाकरे के लिए अपनी विरासत बचाने की आखिरी लड़ाई मानी जा रही है। बीएमसी के 227 वार्डों में मराठी वोटर्स की संख्या काफी ज्यादा है। शिवसेना के दोनों गुटों और मनसे का पूरा फोकस इसी ‘मराठी मानुष’ वोट बैंक पर है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ठाकरे भाइयों की यह जोड़ी क्या बीजेपी के विजय रथ को रोक पाती है।

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