हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के उपमंडल शाहपुर के तहत आने वाले एक गांव की 16 वर्षीय नाबालिग को अपने प्रेम जाल में फंसाकर घर से भगा ले जाने और अपने घर में रखकर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने दोषी को 10 साल कठोर कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी का छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

केस की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि नंदरूल कांगड़ा का नसीब सिंह 20 जून 2014 को उपमंडल शाहपुर के एक गांव की 16 वर्षीय नाबालिग को घर से भगाकर ले गया था। इस संबंध में नाबालिग के पिता के थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी।

इसमें उन्होंने कहा था कि 20 जून को उनकी बेटी शाम के समय साथ लगते गांव के अपने मामा के यहां जाना कहकर गई थी। कुछ समय बाद उन्होंने बेटी के मामा से पूछा तो पता चला कि उनकी बेटी वहां नहीं पहुंची। घर उसके कमरे में गए तो, कुछ संपर्क नंबर मिले, लेकिन सभी नंबर स्विच ऑफ थे। उसके बाद पुलिस ने 25 जून को नाबालिग नसीब सिंह के घर से बरामद की।

पुलिस जांच के पाया कि दोनों को घर से भगाने में नसीब सिंह के सात परिचितों ने भी मदद की। नाबालिग की पूछताछ व मेडिकल से उसके साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि हुई। पुलिस जांच के बाद स्पेशल जज कृष्ण कुमार की अदालत में पहुंचे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी एलएम शर्मा, कपिल देव शर्मा व आरडी चौधरी ने की।

अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में कुल 20 गवाह पेश किए गए। गवाहों के ब्यानों के आधार पर न्यायालय ने नसीब सिंह को 10 साल कठोर कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माना सजा सुनाई है।

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