बिटिया फाउंडेशन  की राष्ट्रीय अध्यक्षा सीमा संख्यान और स्थानियाँ नारी शक्ति बरमाणा की विस्थापित एवं प्रभावित जनता की समस्याओं को लेकर अनिश्चितकाल धरने को आज बारह दिन हो गए हैं। आज जिला प्रशासन ने  नायब तहसीलदार साहिबा को वार्तालाप करने के लिए भेजा। सीमा संख्यान ने बताया की आज ग्यारह बजे के करीब जिला प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार साहिबा, कानूनगो और पटवारी अनिश्चितकाल धरने में आए। उन्होंने एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन से बात की। जब एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन बात करने के लिए राजी हुआ तब हमको बुलाया गया। वार्ता करने के लिए बिटिया फाउंडेशन  की राष्ट्रीय अध्यक्षा सीमा संख्यान, बिटिया फाउंडेशन के महासचिव हरीश धीमान और बरमाणा पंचायत के उपप्रधान अवदेश भारद्धाज गए।

सीमा संख्यान अपनी मांगो को लेकर सबसे पहले रोजगार के ऊपर बात की जिस पर एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने कहा कि वैसे तो हमने हिमाचल के लोगों को 75 प्रतिशत रोजगार दिया है। लेकिन आगे भविष्य में जब भी एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन को नए लोग काम पर रखने होंगे तो सबसे पहले बिटिया फाउंडेशन और बरमाणा पंचायत को जानकारी भेजेंगे। फिर दूसरी मांग सीमेंट सस्ता मिलने पर बात हुई तो उसमे एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने कहा कि सीमेंट सस्ता मिलने के लिए सरकार से बात करनी पड़ेगी और हम इस बारे सरकार से बात करेंगे। फिर तीसरी मांग जो प्रदुषण को लेके थी उस पर चर्चा हुई तो एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने कहा कि प्रदुषण कण्ट्रोल की हमने अच्छी मशीन लगा रखी है। जिससे हम प्रदूषण को कंट्रोल कर रहे है। सीमा संख्यान ने बताया की प्रदुषण कारखाने से ही नहीं होता बल्कि यहाँ की गाड़ियों से भी होता है। यहाँ के गाँव में कचरा होता है, सुलभ शौचालय जैसी जगहों पर भी होता है, उसको भी आपको ही देखना है और हॉस्पिटल से दवाइयां सबको मिलनी चाहिए, चेकअप सबका होना चाहिए। इस पर एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने कहा कि चेकअप सबका होता है और दवाइयां भी सबको मिलती है। फिर भी हम सुनिश्चित करेंगे ताकि सबको दवाइयाँ मिले।

बंद रास्तों की मांग पर एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने रास्तों के बारे में ने कहा कि अभी हमको थोड़ा वक़्त दे दो। हम यह सारे रास्ते खोल देंगे। हमारे टेक्निकल हेड करोना काल के चलते छुट्टी पर है। उनसे बात करके ये सारे रास्ते खोल देंगे।

नायब तहसीलदार साहिबा, कानूनगो और पटवारी ने मौके पर जाकर देखा कि कई लोगों को घर जाने के लिए रास्ते नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों की ये वास्तविक मांगें हैं। कुछ लोग तो जेल की तरह जिंदगी बिता रहे है। सीमा संख्यान ने बताया की करोना काल के चलते ज्यादा रिस्क नहीं ले सकते थे। इसलिए और सरकार की तरफ से भी ये हिदायतें थी कि ज्यादा लोग इकठे नहीं हो सकते। इस लिए धरने पर बैठे लोगों को नायब तहसीलदार साहिबा द्वारा जूस पिला कर  इस धरने को विराम दिया गया।

सीमा संख्यान ने बताया कि हम एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन को एक महीने का वक़्त देते है। हमारी सारी मांगे पूरी करो, नहीं तो जैसे पिछले 14 दिनों से नारी शक्ति इस धरने में दिन रात बारिश तूफानों में डटी रही एक महीने बाद फिर से अपना धरना प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा कि अगली बार प्रदर्शन बाहर नहीं बल्कि एसीसी सीमेंट कंपनी के अंदर उनके दरवाजे पर धरना प्रदर्शन करेंगी। सीमा संख्यान ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि जैसे पहले होता था कागजों में काम पर धरातल पर कुछ नहीं होता था अब इस बार धरातल पर काम चाहिए कागजों में नहीं। इस वार्ता में एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन की तरफ से रजिंदर ठाकुर, हितेन्दर कपूर, और सत्यवीर सिंह शामिल थे ।   

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