उपमंडल हरोली के ठाकरा गांव में पिछले माह उदासीन अखाड़े से संबंध रखने वाले प्रकाश दास मुनि जी महाराज के साथ मारपीट की कोशिश मामले आज जिलाधीश ऊना को ज्ञापन सौंपा गया तथा जिलाधीश से मांग की गई कि संत समाज को तंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाए। जानकारी के मुताबिक भ्रमण यात्रा दौरान कुछ हरोली विधानसभा के ठाकरा गांव से आधी रात को संत प्रकाश मुनि जी महाराज और उनके शिष्यों को डरा धमका कर भागने पर मजबूर किया गया था। यह मामला बाकायदा पुलिस के ध्यान में है लेकिन आज दिन तक कोई कानूनी कार्यवाही नही की गई। संत प्रकाश मुनि जी महाराज ने बताया कि 1 माह से ज्यादा समय बीत जाने पर अभी तक पुलिस प्रशासन द्वारा कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की गई। जिस कारण आज हम मजबूरी में उपायुक्त ऊना राघव शर्मा को ज्ञापन सौंपने आए। गौरतलब है कि जब यह घटना घटी थी उसके बाद से लेकर अब तक प्रकाश दास मुनि जी महाराज अनशन पर बैठे हुए थे, लेकिन प्रशासन और पुलिस ने आज तक उनको पूछा तक नही। आज उसी कड़ी में उपायुक्त और ऊना राघव शर्मा को ज्ञापन सौंपा।

जानकारी के अनुसार गगरेट क्षेत्र के गांव में पिछले कुछ वर्षों से डेरा जमाए हुए है। संत हर वर्ष क्षेत्र के भ्रमण पर जाते है। इस बार भी वह अपने कुछ अनुयायियों के साथ भ्रमण पर निकले। वापसी पर जब संत अपने शिष्यों सहित विधानसभा हरोली के ठाकरा गांव में ठहरे हुए थे। तो स्थानीय लोगों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी कि आखिर वे कहां से और यहां क्यों आए हैं। वहीं पुलिस को भी इस बारे में सूचित किया गया था। सूचना पाकर हरोली थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे थे। जिन्होंने संत व उसके अनुयायियों के प्रमाण पत्र एवं दस्तावेज भी देखे थे।

संत के साथ जितने भी लोग थे, वह सभी ऊना जिला से संबंधित गांव से है। इस पर उस गांव के लोगों ने उन्हें आगे जाने दिया। वही संत व उसके अनुयायियों का कहना है कि उन्हें इस गांव में निरादर व उपेक्षा का शिकार होना पड़ा है। संत ने कहा कि वह अपना घर छोड़कर जिला ऊना में पिछले कई वर्षों से रह रहे है। उसने बताया कि वह हर वर्ष जंगलों से होते हुए विभिन्न गांव व क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए वापस अपने डेरे पर पहुंचते है। उन्होंने लोगों से अपील की कि संत समाज का भी कभी निरादर ना करें।

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