Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सेना की फायर सर्विस में तैनात एक ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी डीसी ऑफिस के पास अपनी निजी कार में बैठकर युवाओं को चिट्टा (हेरोइन) बेच रहा था। एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति का नशे के कारोबार में शामिल होना पुलिस के लिए भी हैरानी का विषय है। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में नशा बरामद किया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
सदर थाना शिमला की पुलिस को इस तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस को पता चला कि कमांड एरिया में सेंट थॉमस स्कूल के नीचे वाली सड़क पर एक सफेद रंग की कार खड़ी है। कार का नंबर HP 01A 5152 है। इसमें सवार व्यक्ति नशा बेच रहा है। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। जब कार की तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से 10.660 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
हमीरपुर का रहने वाला है आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 31 वर्षीय तुषार चंद्र के रूप में हुई है। वह मूल रूप से हमीरपुर जिले के भोरंज का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया कि तुषार शिमला के कमांड एरिया में आर्मी फायर सर्विस में ड्राइवर की नौकरी करता है। वह सरकारी नौकरी की आड़ में नशे का यह काला धंधा चला रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
अब तक 30 सरकारी कर्मचारी जा चुके हैं जेल
शिमला में सरकारी कर्मचारियों का नशे में संलिप्त होना चिंता का विषय बन गया है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक अलग-अलग विभागों के करीब 30 सरकारी कर्मचारी नशे के मामलों में जेल जा चुके हैं। हाल ही में प्रदेश सरकार ने नशा तस्करी में शामिल तीन पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त भी किया था। पुलिस अब तुषार के नेटवर्क को खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसे नशा कौन सप्लाई करता था और उसके ग्राहक कौन थे।
