Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक बेहद चौंकाने वाला बिहार समाचार सामने आया है। यहाँ सुशासन बाबू की सरकार में अधिकारियों की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल-जल योजना’ का मजाक बन गया है। अधिकारियों ने पीने के पानी की टंकी का निर्माण श्मशान घाट के अंदर ही करवा दिया है। अब नौबत यह है कि नल से पानी तो आ रहा है, लेकिन लोग उसे छूने से भी डर रहे हैं।
श्मशान में बनी पानी की टंकी
मुजफ्फरपुर शहर से सटी खबरा पंचायत के वार्ड नंबर 4 में यह अजीबोगरीब मामला देखने को मिला है। यहाँ पीएचईडी (PHED) विभाग और तत्कालीन पंचायत प्रतिनिधियों ने बिना सोचे-समझे श्मशान घाट की जमीन पर पानी की टंकी खड़ी कर दी। यह टंकी पूरी तरह बनकर तैयार है। घरों तक पाइपलाइन भी बिछ चुकी है। नल से पानी की आपूर्ति भी हो रही है। लेकिन, स्थानीय लोग इस पानी का उपयोग करने से कतरा रहे हैं।
मुर्दे जलने वाली जगह का पानी कैसे पिएं?
स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति बहुत धर्मसंकट वाली है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट में शवों का अंतिम संस्कार होता है। ऐसी जगह से आने वाले पानी को वे कैसे पी सकते हैं? धार्मिक मान्यताओं और मन में बैठे डर के कारण करीब 2000 की आबादी इस पानी का इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। लोग न तो इसे पीते हैं और न ही इससे खाना बनाते हैं। यह समस्या पिछले चार सालों से जस की तस बनी हुई है।
26 लाख खर्च, फिर भी प्यास अधूरी
वार्ड सचिव पप्पू दास ने बताया कि इस योजना पर सरकार ने 26 लाख रुपये खर्च किए हैं। निर्माण कार्य शुरू होने के समय ही ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था। लोगों ने तत्कालीन मुखिया को मना किया था कि श्मशान में टंकी न बनाएं। लेकिन, उनकी एक न सुनी गई। अब लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। वार्ड में दूसरी सरकारी जमीन मौजूद थी, फिर भी श्मशान का चयन क्यों किया गया, यह बड़ा सवाल है।
आंदोलन के मूड में ग्रामीण
स्थानीय मुखिया प्रियम प्रिय और उनके प्रतिनिधि पंकज कुमार ओझा ने भी माना है कि सैकड़ों परिवार परेशान हैं। वहीं, ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर टंकी को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। मुख्यमंत्री की आगामी समृद्धि यात्रा के दौरान भी लोग इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रहे हैं।
विधायक ने जताई गहरी नाराजगी
मामला तूल पकड़ने पर बोचहां विधायक बेबी कुमारी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे बेहद आपत्तिजनक और गंभीर मामला बताया है। विधायक ने कहा कि श्मशान घाट जैसे संवेदनशील स्थल पर पेयजल टंकी बनाना गलत है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले को पीएचडी मंत्री संजय कुमार सिंह के सामने रखेंगी। साथ ही पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाएगी।
