Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची से एक दिल दहला देने वाली Hindi News सामने आई है। धुर्वा इलाके से 13 दिन पहले लापता हुए भाई-बहन को पुलिस ने सुरक्षित बचा लिया है। पुलिस ने रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र से दोनों बच्चों को बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने एक युवक और युवती को गिरफ्तार किया है। ये दोनों पति-पत्नी बनकर किराए के मकान में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी बच्चों को बिहार ले जाकर बेचने की तैयारी में थे।
1000 रुपये के किराए पर लिया था कमरा
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला 25 साल का युवक और 19 साल की युवती 10 दिन पहले चितरपुर पहुंचे थे। उन्होंने खुद को पति-पत्नी बताया। इसके बाद उन्होंने रोशन आरा नामक महिला से एक कमरा किराए पर लिया। कमरे का किराया महज 1000 रुपये तय हुआ था। आरोपियों ने मकान मालकिन से झूठ बोला कि दोनों बच्चे उनके ही हैं। मकान मालकिन ने सर्दी और मानवता के नाते उन्हें कमरा दे दिया था।
गुब्बारे बेचने की आड़ में रची साजिश
यह Hindi News अभिभावकों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि आरोपी दंपति गुब्बारे बेचने का काम करता था। वे धुर्वा के शालीमार बाजार और आसपास के इलाकों में घूमते थे। इसी दौरान उन्होंने बच्चों की रेकी की और उन्हें अगवा कर लिया। पकड़े जाने के बाद उन्होंने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उनका प्लान बच्चों को बिहार के औरंगाबाद ले जाकर बेचने का था।
बजरंग दल और पुलिस की मुस्तैदी काम आई
बच्चों के गायब होने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए। कार्यकर्ताओं को चितरपुर के अहमदनगर में कुछ संदिग्ध लोगों की सूचना मिली। उन्होंने तुरंत रामगढ़ पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। वहां से दोनों बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है। पुलिस की सख्ती के कारण आरोपी बच्चों को राज्य से बाहर नहीं ले जा सके थे।
एसपी ने खुद संभाला मोर्चा
बच्चों के मिलने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। रामगढ़ एसपी अजय कुमार और अन्य अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। 13 दिन बाद बच्चों को सही सलामत देख परिजनों ने राहत की सांस ली है।

