हिमाचल के बड़े साहबों की संपत्ति का कच्चा चिट्ठा: किसी के पास करोड़ों के फ्लैट, तो कोई बागवानी से कर रहा कमाई

Himachal News: हिमाचल प्रदेश काडर के रसूखदार आईएएस अधिकारियों की अचल संपत्तियों का ब्योरा सार्वजनिक हो गया है। एक जनवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार, अधिकारियों ने अपनी जमीन, आलीशान मकान और फ्लैट्स का पूरा विवरण सरकार को सौंप दिया है। इस फेहरिस्त में मुख्य सचिव से लेकर कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिनकी जड़ें और संपत्तियां हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और तमिलनाडु तक फैली हुई हैं। प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर साल दी जाने वाली इस जानकारी में करोड़ों रुपये के निवेश का खुलासा हुआ है।

मुख्य सचिव संजय गुप्ता: हरियाणा और पंजाब में बड़ा निवेश

प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता की संपत्तियों का जाल हिमाचल के परवाणू से लेकर हरियाणा के पंचकूला तक फैला है। उनके विवरण के अनुसार, पंचकूला के सेक्टर-4 में करीब 4 करोड़ रुपये का एक निर्माणाधीन मकान है। इसके अलावा, पंचकूला के एमडीसी और स्वास्तिक विहार में भी उनकी व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियां दर्ज हैं। न्यू चंडीगढ़ में एक फ्लैट और मोहाली के विभिन्न गांवों में कृषि भूमि में भी उनकी और उनकी पत्नी की हिस्सेदारी है।

चेन्नई में सुधा देवी और नजीम की करोड़ों की संपत्तियां

आईएएस अधिकारी एम सुधा देवी ने चेन्नई के पॉश इलाके मायलापुर में एक बेहद कीमती फ्लैट का ब्योरा दिया है। वर्ष 2020 में खरीदे गए इस फ्लैट की कीमत लगभग 5.65 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं, आरडी नजीम की भी चेन्नई में करीब 4.5 करोड़ रुपये की संपत्तियां हैं। इनमें चेंगल नगर का मकान और मायलापुर का फ्लैट शामिल है। नजीम को इन संपत्तियों से सालाना करीब 13.8 लाख रुपये का किराया मिल रहा है।

शिमला से लेकर नोएडा तक अधिकारियों का दबदबा

प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार ने शिमला के सरघीण में करीब 3.25 करोड़ रुपये की जमीन और मकान की जानकारी साझा की है। इसके अलावा, पंजाब के जीरकपुर में उनकी 1.60 करोड़ रुपये की एक औद्योगिक इकाई भी है। दूसरी ओर, अतिरिक्त मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत को नोएडा स्थित उनके 52 लाख रुपये के फ्लैट से नियमित किराये की आय हो रही है। सचिव अभिषेक जैन ने भी पंजाब के जालंधर और मुल्लांपुर में लाखों के प्लॉट और पैतृक मकान का खुलासा किया है।

खेती और बागवानी से भी हो रही शानदार आय

संपत्ति विवरण में केवल शहर के फ्लैट ही नहीं, बल्कि उपजाऊ जमीनें भी शामिल हैं। आईएएस अधिकारी हरिकेश मीणा ने राजस्थान के सवाई माधोपुर में करीब 5 हेक्टेयर कृषि भूमि और अमरूद के बाग का उल्लेख किया है। दिलचस्प बात यह है कि इस बाग से उन्हें हर साल लगभग 5 लाख रुपये की आमदनी हो रही है। इन विवरणों से स्पष्ट है कि अधिकारियों ने अपनी व्यक्तिगत बचत, बैंक ऋण और पारिवारिक स्रोतों के जरिए देशभर के प्रमुख शहरों में निवेश किया है।

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