Panama News: पनामा के घने उष्णकटिबंधीय जंगलों में शोधकर्ताओं ने प्रकृति का एक अद्भुत करिश्मा देखा है। स्मिथसोनियन ट्रॉपिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों को ‘अरोटा फेस्टा’ (Arota festae) प्रजाति की एक दुर्लभ मादा कैटीडिड मिली है, जिसका रंग चटकीला गुलाबी है। आमतौर पर हरे रंग में पाए जाने वाले इस कीट ने कैद के दौरान महज 11 दिनों के भीतर अपना रंग पूरी तरह बदलकर वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। यह पहली बार है जब किसी कीट को अपनी एक ही जीवन अवस्था में इस तरह रंग बदलते देखा गया है।
गुलाबी से हरा होने का अनोखा सफर
साइंटिफिक नैचुरलिस्ट में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इस कीट का रंग कैद में रखने के चौथे दिन से ही फीका पड़ने लगा था। ग्यारहवें दिन तक यह गहरा गुलाबी कीट पूरी तरह अपनी प्रजाति के अन्य सदस्यों की तरह हरा हो गया। विशेषज्ञों के लिए यह खोज इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक माना जाता था कि कीटों का गुलाबी होना एक जेनेटिक म्यूटेशन या गलती है, जो उन्हें शिकारियों के लिए आसान शिकार बना देता है। हालांकि, इस रिसर्च ने पुरानी धारणाओं को पूरी तरह बदल दिया है।
शिकारियों को चकमा देने की मास्टर रणनीति
यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट एंड्रयूज के शोधकर्ता बेनिटो वेनराइट का कहना है कि यह कीट का कोई दोष नहीं बल्कि जीवित रहने की एक सोची-समझी रणनीति है। पनामा के जंगलों में कई पौधों की नई पत्तियां शुरुआत में गुलाबी या लाल रंग की होती हैं, जिसे ‘डिलीट ग्रींनिंग’ कहा जाता है। जब तक पत्तियां गुलाबी रहती हैं, यह कीट भी गुलाबी रंग अपनाकर उनमें छिप जाता है। जैसे-जैसे पत्तियां बड़ी होकर हरी होती हैं, यह जीव भी अपना रंग बदल लेता है ताकि वह परिवेश में घुल-मिल सके।
प्रकृति का हाई-विजिबिलिटी जैकेट
यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के सह-लेखक मैट ग्रीनवेल ने इस घटना को कुदरत का जादू बताया है। उन्होंने कहा कि एक हरे जंगल में गुलाबी कीट का होना किसी ‘हाई-विजिबिलिटी जैकेट’ पहनने जैसा है, जो दूर से ही नजर आता है। लेकिन यह कीट जंगल की बदलती परिस्थितियों के साथ खुद को इतनी सटीकता से ढालता है कि शिकारी इसे पहचान ही नहीं पाते। यह खोज साबित करती है कि ट्रॉपिकल फॉरेस्ट के जीव अस्तित्व बचाने के लिए कितने उन्नत और जटिल तरीके अपनाते हैं।


