सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें कुरान की 26 आयतों को पाक किताब से हटाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि ये आयतें देश की एकता, अखंडता और भाईचारे के लिए खतरा हैं। याचिका उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने दायर की है।

जस्टिस आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगी। इसमें याचिका में दावा किया गया है कि कुरान की 26 आयतों को बाद में जोड़ा गया है। इस आधार पर इन आयतों को पवित्र किताब से हटाने का आदेश देने की मांग की गईं है।

याचिका में कहा गया है कि इन 26 आयतों की इन दिनों गलत तरीके से व्याख्या की जा रही है। इनका हवाला देकर इंसानियत के मूल सिद्धांतों की अवहेलना और धर्म के नाम पर घृणा व नफरत फैलाई जा रही है तथा खून खराबा हो रहा है।

रिजवी ने कहा है कि जब पूरे पाक कुरान में अल्लाह ने भाईचारे, प्रेम, न्याय, समानता, क्षमा, सहिष्णुता की बातें कही हैं तो इन 26 आयतों में कत्ल व गारत, नफरत और कट्टरपन बढ़ाने वाली बातें कैसे कह सकते हैं।

इन्हीं आयतों का हवाला देकर मुस्लिम नौजवानों का ब्रेनवॉश किया जा रहा है। उनको जिहाद के नाम पर बहकाया और उकसाया जा रहा है। इन्हीं की वजह से देश की एकता, अखंडता पर खतरा है।

error: Content is protected !!