Uttar Pradesh News: उन्नाव के बांगरमऊ से एक दिल दहला देने वाली क्राइम न्यूज (Crime News) सामने आई है। चोरी के आरोप में जेल से छूटे एक युवक ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद भी छत से कूदकर जान दे दी। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह खौफनाक वारदात घरेलू कलह, गरीबी और शक के चलते हुई। इस घटना ने दो मासूम बच्चों को हमेशा के लिए अनाथ बना दिया है।
रात भर चला झगड़ा, सुबह मिलीं दो लाशें
नौनिहालगंज मोहल्ले में रहने वाले संजय और वंदना के बीच मंगलवार रात जमकर विवाद हुआ था। पड़ोसियों के मुताबिक, पूरी रात लड़ने की आवाजें आती रहीं। बुधवार सुबह संजय ने पत्नी वंदना का गला घोंट दिया। हत्या के बाद वह शोर मचाते हुए छत पर चढ़ गया। उसने रस्सी का फंदा गले में डाला और दो मंजिला छत से नीचे कूद गया। फंदा कसने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जब दरवाजा तोड़ा गया तो वंदना का शव जमीन पर पड़ा मिला।
जेल और शराब ने उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार
संजय छह महीने पहले ई-रिक्शा चोरी के आरोप में जेल गया था। वह कुछ दिन पहले ही जेल से रिहा होकर घर आया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, जेल से आने के बाद उसका बर्ताव बदल गया था। वह शराब के नशे में धुत रहता था और पत्नी के चरित्र पर शक करता था। संजय ई-रिक्शा चलाता था, लेकिन दिन भर की कमाई शराब में उड़ा देता था। इस क्राइम न्यूज ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
बिस्तर नहीं था, पुआल पर सोता था परिवार
इस परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय थी। घर में खाने को राशन और सोने के लिए बिस्तर तक नहीं था। कड़ाके की ठंड में पति-पत्नी और बच्चे जमीन पर पुआल (पयार) बिछाकर रात गुजारते थे। इसी पुआल के बिस्तर पर वंदना की लाश मिली। गरीबी और नशे की लत ने घर का सुकून छीन लिया था। विवाद इतना बढ़ा कि संजय ने पहले पत्नी को डंडे से पीटा और फिर उसका गला दबा दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
इंस्पेक्टर अखिलेश चंद्र पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वंदना के शरीर पर चोट के सात निशान मिले हैं। सिर पर भी गंभीर चोटें आई थीं। इससे साफ है कि हत्या से पहले उसे बुरी तरह पीटा गया था। वहीं, संजय की मौत फांसी के फंदे से हुई। घटना के वक्त दादी सियादुलारी बच्चों को लेकर पड़ोस में गई थीं, जिससे बच्चों की जान बच गई। अब पांच साल का हर्ष और सात साल की खुशी अनाथ हो गए हैं।
पहले भी कर चुका था जान देने की कोशिश
पुलिस जांच में पता चला है कि संजय की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसने साल भर पहले भी छत से कूदकर जान देने की कोशिश की थी। करीब 10 दिन पहले वंदना ने पुलिस को कॉल कर पति द्वारा खुदकुशी की कोशिश की सूचना दी थी। तब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे बचा लिया था। लेकिन इस बार घरेलू कलह और शक ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

