Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में नए साल 2026 का आगाज भीषण ठंड और कोहरे के साथ हुआ है। बर्फीली हवाओं और गिरते तापमान को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के अधिकतर जिलों में कक्षा 1 से 8वीं तक के स्कूल बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छोटे बच्चों के स्कूल 14 जनवरी 2026 तक पूरी तरह बंद रहेंगे। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।
इन जिलों में सख्ती से लागू हुआ आदेश
स्कूल बंद करने का फैसला विशेष रूप से उन जिलों के लिए है जहां ठंड का प्रकोप सबसे ज्यादा है। लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा और प्रयागराज में हालात बेहद खराब हैं। इन इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है। विजिबिलिटी कम होने से सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने इन जिलों में आदेश का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
शीतलहर का रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग (IMD) ने यूपी के कई जिलों में शीतलहर का रेड अलर्ट जारी किया है। न्यूनतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में गलन बढ़ा दी है। सुबह के वक्त दृश्यता 20 मीटर से भी कम है। ऐसे खतरनाक मौसम में बच्चों का घर से निकलना सुरक्षित नहीं है, इसलिए स्कूल बंद रखना ही बेहतर विकल्प माना गया है।
कक्षा 9 से 12 के लिए बदले नियम
सरकार ने बड़ी कक्षाओं के छात्रों को थोड़ी राहत दी है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूल बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन उनका समय बदल दिया गया है। अब ये स्कूल सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही चलेंगे। यह फैसला आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को ध्यान में रखकर लिया गया है। हालांकि, कई जिलों में प्रशासन ने ऑनलाइन कक्षाओं का सुझाव भी दिया है।
आंगनवाड़ी केंद्र भी रहेंगे बंद
राजधानी लखनऊ और कानपुर में स्कूलों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का निर्देश है। छोटे शिशुओं को ठंड से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद जैसे एनसीआर क्षेत्रों में ठंड के साथ प्रदूषण भी एक बड़ी समस्या है। यहां नियमों का पालन और भी सख्ती से कराया जाएगा।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को सख्त चेतावनी दी है। यदि कोई स्कूल आदेश के बावजूद खुलता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर 15 जनवरी के बाद मौसम सुधरता है, तो स्कूल दोबारा खोले जा सकते हैं। तब तक अभिभावकों से अपील है कि वे सरकारी आदेश के बिना बच्चों को बाहर न भेजें।
