Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों (Government Schools) की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है। सीएम सुक्खू ने घोषणा की है कि सीबीएसई (CBSE) के अधीन लाए जा रहे स्कूलों में अंग्रेजी और गणित पढ़ाने के लिए स्पेशल इंस्ट्रक्टर रखे जाएंगे। सरकार जल्द ही इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
अमलैहड़ स्कूल को मिला सीबीएसई का दर्जा
रविवार को सीएम सुक्खू अपने गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन के दौरे पर थे। अपने पैतृक गांव भवड़ां में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अमलैहड़ के सरकारी स्कूल को अब सीबीएसई का दर्जा दे दिया गया है। इसके अलावा, यहां राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का काम तेजी से चल रहा है। अगले साल से इस स्कूल में कक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी। सरकार प्रदेश के चार चुनिंदा स्कूलों में ‘मल्टीपल सब्जेक्ट’ का विकल्प भी शुरू करेगी, जिससे छात्र अपनी रुचि के विषय पढ़ सकेंगे।
खेती और सोलर प्लांट से लाखों की कमाई
मुख्यमंत्री ने किसानों और युवाओं के लिए कमाई का मंत्र भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। इस विधि से उगाई गई हल्दी को सरकार 90 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदेगी। किसान पांच कनाल भूमि पर हल्दी उगाकर तीन लाख रुपये तक कमा सकते हैं। वहीं, बंजर जमीन पर सोलर प्लांट लगाने के लिए भी सब्सिडी मिल रही है। चार कनाल जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर युवा हर साल तीन लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमा सकते हैं।
बिना ब्लीचिंग पाउडर के मिलेगा शुद्ध पानी
नादौन में विकास कार्यों का ब्यौरा देते हुए सीएम ने बताया कि पेयजल योजनाओं पर 100 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। लोगों को अब ब्लीचिंग पाउडर वाला पानी नहीं पीना पड़ेगा। पानी को साफ करने के लिए अत्याधुनिक यूवी टेक्नोलॉजी और ओजोनेशन प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने गांव में 60 लाख रुपये से बने गुग्गा धाम और 25 लाख रुपये की लागत से बने वैकुंठ धाम का उद्घाटन किया। उन्होंने नादौन शहर में स्वतंत्रता सेनानी इंद्रपाल की प्रतिमा का भी अनावरण किया।
