Patna News: पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है। पुलिस और SIT (विशेष जांच दल) की जांच अब शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष चंद्रवंशी पर आकर टिक गई है। शनिवार और रविवार को हुई छापेमारी में पुलिस को कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि महज 15 हजार की नौकरी करने वाला मनीष आखिर करोड़ों का मालिक कैसे बन गया? पुलिस अब उसकी संपत्ति और पुराने रिकॉर्ड की कुंडली खंगाल रही है।
एसआईटी की रडार पर अस्पताल और हॉस्टल
इस हाई प्रोफाइल मामले में SIT पूरी तरह एक्शन मोड में है। रविवार को टीम ने प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंचकर जांच की। इससे ठीक एक दिन पहले, शनिवार को शंभू गर्ल्स हॉस्टल में भी छापेमारी की गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हॉस्टल से कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। जांच का दायरा बढ़ते ही हॉस्टल मालिक मनीष चंद्रवंशी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
फोर्थ ग्रेड कर्मचारी से बना करोड़पति
मनीष चंद्रवंशी मूल रूप से जहानाबाद जिले का रहने वाला है। वह साल 2020 में रोजगार की तलाश में पटना आया था। उसने यहां एक प्राइवेट अस्पताल में फोर्थ ग्रेड स्टाफ (चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी) के तौर पर काम शुरू किया। उस वक्त उसकी मासिक सैलरी करीब 15 हजार रुपये थी। लेकिन महज तीन से चार सालों में उसकी आर्थिक स्थिति में जो बदलाव आया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया है।
कोरोना काल में बदली किस्मत
पुलिस जांच में पता चला है कि कोरोना महामारी के दौरान मनीष ने ऑक्सीजन सप्लाई की एजेंसी शुरू की थी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि एक मामूली कर्मचारी के पास एजेंसी खोलने के लिए इतना पैसा कहां से आया? उसे टेंडर किसने दिया? आज पटना में मनीष के नाम पर करोड़ों रुपये की जमीन और कई बिल्डिंग्स हैं। खबर यह भी है कि वह अपने गांव से मुखिया का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था।
हर्ष फायरिंग का भी है आरोपी
मनीष का विवादों से पुराना नाता रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उस पर पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। एक शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग (Celebratory Firing) का केस उस पर चल रहा है। उस घटना में गोली चलने से एक युवक घायल भी हो गया था। पुलिस अब मनीष के इन पुराने मामलों को भी नई जांच से जोड़कर देख रही है।
हॉस्टल सील, छात्राएं परेशान
घटना के बाद पुलिस ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल को सीज कर दिया है। रविवार को हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ सामान लेने पहुंचीं। लेकिन हॉस्टल में ताला लगा होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। पुलिस छात्राओं को बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुला रही है। अचानक हुई इस कार्रवाई से छात्राओं की पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है।

