Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े फर्जी डिग्री घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी कामयाबी मिली है। शिमला की विशेष अदालत ने मानव भारती विश्वविद्यालय घोटाले में शामिल आशोनी कंवर और उनके बेटे मनदीप राणा को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित कर दिया है। ये दोनों कानून के शिकंजे से बचने के लिए विदेश भाग गए हैं। ईडी की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
387 करोड़ की काली कमाई का खुलासा
ईडी की जांच में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। घोटाले का मुख्य आरोपी राज कुमार राणा है। उसने अपनी पत्नी आशोनी और बेटे मनदीप के साथ मिलकर फर्जी डिग्रियां बेचने का काला कारोबार चलाया। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने इस फर्जीवाड़े से करीब 387 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की। इस पैसे का इस्तेमाल हिमाचल प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में महंगी जमीनें और प्रॉपर्टी खरीदने में किया गया।
200 करोड़ की संपत्ति जब्त
ईडी ने इस मामले में अब तक कड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने आरोपियों की करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है। सक्षम प्राधिकारी ने भी इस कार्रवाई को सही ठहराया है। इससे पहले ईडी ने शिमला कोर्ट में 14 लोगों और दो संस्थाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। कोर्ट ने कई बार आशोनी कंवर और मनदीप राणा को पेश होने का आदेश दिया। लेकिन उन्होंने कोर्ट के आदेशों को अनसुना कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया में छिपे हैं आरोपी
जांच में सामने आया है कि एफआईआर दर्ज होते ही मां-बेटे देश छोड़कर भाग निकले थे। फिलहाल दोनों ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं। ईडी ने उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कई बार बुलाया, लेकिन वे भारत नहीं लौटे। आखिरकार ईडी ने कोर्ट में आवेदन देकर उन्हें भगोड़ा घोषित करने की मांग की थी। अब कोर्ट ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है। हिमाचल प्रदेश के इस चर्चित मामले में ईडी की जांच अभी भी जारी है।
