Rajasthan News: टोंक जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में एक सीनियर डॉक्टर शराब के नशे में धुत होकर पहुंचा। हद तो तब हो गई जब डॉक्टर ने वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के सामने ही पेशाब कर दिया। राजस्थान न्यूज की सुर्खियों में आए इस मामले ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। नशे में डॉक्टर के जमीन पर गिरने और हंगामा करने की खबर पूरे शहर में आग की तरह फैल गई है।
वार्ड में डॉक्टर का शर्मनाक तमाशा
सआदत अस्पताल टोंक जिले का प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। यहां तैनात सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनुराग शर्मा सोमवार रात करीब 10.30 बजे अस्पताल पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, डॉक्टर शराब के नशे में बुरी तरह चूर थे। उनके कदम लड़खड़ा रहे थे। वह सीधे मेडिकल वार्ड में घुस गए। वहां उन्होंने मरीजों की मौजूदगी का भी लिहाज नहीं किया। डॉक्टर ने वार्ड के अंदर सबके सामने पेशाब कर दिया। नशा इतना ज्यादा था कि वह खुद को संभाल नहीं पाए और धड़ाम से जमीन पर गिर पड़े।
नर्सिंग स्टाफ ने झाड़ा पल्ला, व्हीलचेयर पर गए घर
डॉक्टर को गिरता देख वहां मौजूद तीमारदार घबरा गए। उन्होंने तुरंत वार्ड में मौजूद नर्सिंग कर्मियों को इसकी जानकारी दी। नर्सिंग स्टाफ ने बेबसी जताते हुए कहा कि वे इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। डॉक्टर नशे में काफी देर तक बड़बड़ाते रहे। सूचना मिलने पर अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. हनुमान प्रसाद बैरवा वहां पहुंचे। उन्होंने कुछ कर्मचारियों की मदद से डॉ. अनुराग को व्हीलचेयर पर बैठाया और उनके घर भिजवाया।
पीएमओ बोले- ड्यूटी पर नहीं थे डॉक्टर
इस शर्मनाक घटना पर अस्पताल प्रशासन पर्दा डालता नजर आया। पीएमओ डॉ. हनुमान प्रसाद बैरवा ने अजीब तर्क दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. अनुराग उस वक्त ड्यूटी पर नहीं थे। छुट्टी के दौरान शराब पीना उनका निजी मामला है। पीएमओ ने कहा कि अगर वे ड्यूटी के दौरान शराब पीकर आते तो उनका मेडिकल करवाया जाता। हालांकि, अस्पताल में मौजूद लोग पीएमओ की इस दलील से सहमत नहीं दिखे। वे डॉक्टर की हरकत को लेकर काफी गुस्से में थे।
सवाई माधोपुर में स्कूल में बनी थी चिकन पार्टी
राजस्थान न्यूज में सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सोमवार को ही सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी ब्लॉक से एक ऐसा ही मामला सामने आया था। वहां एक सरकारी स्कूल का प्रिंसिपल नशे में धुत होकर विद्यालय पहुंचा था। उसने स्कूल की जल्दी छुट्टी कर दी और मिड-डे मील की रसोई में चिकन बनवाया। लगातार दो दिनों में शिक्षा और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की इन हरकतों ने सरकारी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
