Uttar Pradesh News: मेरठ के सरधना स्थित कपसाड़ गांव में हुई दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण ने पूरे राज्य को हिला दिया है। यह मामला लगातार यूपी न्यूज (UP News) की सुर्खियों में बना हुआ है। जहां एक तरफ राजनीतिक दल और पीड़ित परिवार इंसाफ की मांग कर रहे हैं, वहीं अब एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। आरोपी के पड़ोसियों ने इस घटना की पूरी कहानी ही पलट कर रख दी है। इस नए खुलासे से पुलिस की जांच को एक नई दिशा मिल सकती है।
पड़ोसी ने किया खौफनाक दावा
मीडिया की टीम जब आरोपी पारस राजपूत के घर पहुंची, तो वहां सन्नाटा पसरा था। घर पर ताले लटके थे और पूरा परिवार फरार था। इसी बीच, पारस के एक पड़ोसी ने कैमरे पर सनसनीखेज खुलासा किया। पड़ोसी का दावा है कि महिला की हत्या पारस ने नहीं की है। उसके मुताबिक, यह हत्या खुद मृतका की बेटी ने की है। यह बयान सामने आते ही यूपी में हड़कंप मच गया है। पड़ोसी ने बताया कि जब मां ने बेटी को लड़के साथ जाने से रोका, तो बेटी ने खुद को छुड़ाने के लिए मां पर हथियार से हमला कर दिया।
प्रेम-प्रसंग और 50 हजार का समझौता
पड़ोसी ने दावा किया कि आरोपी पारस और लड़की के बीच काफी समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इस बात को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था। तब गांव में पंचायत बैठी थी। उस वक्त मामला रफा-दफा करने के लिए लड़के पक्ष ने लड़की वालों को 50 हजार रुपये दिए थे। पड़ोसी ने यह भी बताया कि आरोपी लड़का अभी नाबालिग है, जबकि लड़की बालिग है। इस दावे ने पुलिस की जांच को और उलझा दिया है।
पुलिस छावनी बना कपसाड़ गांव
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरे गांव को सील कर दिया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर भारी पुलिस बल तैनात है। सपा विधायक अतुल प्रधान और अन्य नेता गांव के बाहर धरने पर बैठे हैं। वे पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं। राजनेताओं के जमावड़े से यह मामला यूपी का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।
क्या है गुरुवार की वो काली सुबह?
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 8 बजे महिला अपनी बेटी के साथ खेत पर जा रही थी। आरोप है कि तभी पारस अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। हथियारों के बल पर उसने लड़की का अपहरण कर लिया। मां ने जब बेटी को बचाने की कोशिश की, तो उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया। इलाज के दौरान मां की मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने साफ कह दिया है कि जब तक बेटी वापस नहीं आती और आरोपी पकड़े नहीं जाते, अंतिम संस्कार नहीं होगा।
