Shimla News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में राजस्व विभाग के खाली पदों को भरने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। रिटायर हो चुके कर्मचारियों के लिए दोबारा नौकरी पाने का यह सुनहरा मौका है। शिमला के उपायुक्त (DC) अनुपम कश्यप ने जिले में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारियों के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को 70 हजार रुपये तक का मासिक वेतन दिया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार 31 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
इन पदों पर होगी भर्ती, इतना मिलेगा पैसा
जिला उपायुक्त ने बताया कि राजस्व कार्यों को तेजी से निपटाने के लिए यह भर्तियां ‘मेहनताना आधार’ (Honorarium basis) पर की जा रही हैं। कुल 75 पदों को भरा जाना है। प्रशासन ने पद के अनुसार वेतन भी तय कर दिया है।
- तहसीलदार (3 पद): 70,000 रुपये प्रति माह।
- नायब तहसीलदार (1 पद): 60,000 रुपये प्रति माह।
- कानूनगो (1 पद): 50,000 रुपये प्रति माह।
- पटवारी (70 पद): 40,000 रुपये प्रति माह।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रशासन ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं।
- उम्मीदवार की उम्र 31 जनवरी 2026 को 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आवेदक के पास राजस्व विभाग में कम से कम 5 साल काम करने का अनुभव हो।
- रिटायर कर्मचारी के खिलाफ कोई भी विभागीय या अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित न हो।
- आवेदन के साथ ‘मूल विभाग’ से प्राप्त प्रमाण पत्र और सरकारी अस्पताल का ‘मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट’ लगाना अनिवार्य है।
आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तारीख
योग्य उम्मीदवार आवेदन फॉर्म जिला शिमला की आधिकारिक वेबसाइट http://hpshimla.nic.in से डाउनलोड कर सकते हैं। भरा हुआ फॉर्म सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ 31 जनवरी 2026 तक ‘डिप्टी कमिश्नर कार्यालय, शिमला’ में जमा करवाना होगा। आखिरी तारीख के बाद मिलने वाले आवेदनों को खारिज कर दिया जाएगा।
शुरुआत में 3 महीने के लिए मिलेगी नौकरी
प्रशासन ने साफ किया है कि यह नियुक्ति पूरी तरह अस्थायी है। शुरुआत में कर्मचारियों को 3 महीने के लिए रखा जाएगा। काम के प्रदर्शन और जरूरत के हिसाब से इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है। अगर आवेदकों की संख्या ज्यादा होती है, तो कम उम्र वाले रिटायर कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
चयनित कर्मचारियों को महीने में एक दिन की छुट्टी (Casual Leave) मिलेगी। इसके अलावा दौरे पर जाने पर TA/DA का भी प्रावधान है। हालांकि, काम पूरा होने या नियमित अधिकारी के आने पर सेवाएं कभी भी समाप्त की जा सकती हैं।
