Defense News: भारत और सेशेल्स के बीच 9 मार्च 2026 से चल रहा संयुक्त सैन्य अभ्यास LAMITIYE (लामितिये) का 11वां संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। क्रियोल भाषा में जिसका मतलब ‘दोस्ती’ होता है, यह अभ्यास दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
तीनों सेनाओं ने लिया हिस्सा, आईएनएस त्रिकंद भी हुआ तैनात
इस सैन्य अभ्यास मेंभारतीय सशस्त्र बलों के साथ-साथ सेशेल्स डिफेंस फोर्स के जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सेशेल्स की कोस्ट गार्ड, वायु सेना और स्पेशल ऑपरेशन यूनिट के जवानों ने भारतीय दल के साथ संयुक्त अभ्यास किया। समुद्री अभियानों को मजबूती देने के लिए भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद भी इसमें शामिल रहा।
जमीन और समुद्र पर दिखा जबरदस्त तालमेल
LAMITIYE 2026 केदौरान दोनों देशों की सेनाओं ने मिलकर कई रणनीतिक अभियानों का सफलतापूर्वक संचालन किया। इनमें संयुक्त ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करना, अर्ध-शहरी इलाकों में तलाशी अभियान और घेराबंदी ड्रिल शामिल रहे। वहीं समुद्र में होने वाले VBSS (विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर) ऑपरेशन का भी बखूबी अभ्यास किया गया। इन अभियानों में भारतीय नौसेना के मार्कोस कमांडो और सेशेल्स की स्पेशल यूनिट के बीच शानदार तालमेल देखने को मिला।
72 घंटे के अंतिम चरण में दिखी ताकत
इस संयुक्त अभ्यास कासबसे अहम और चुनौतीपूर्ण हिस्सा इसका अंतिम चरण रहा, जो सेशेल्स के प्रासलिन द्वीप पर लगातार 72 घंटे तक चला। इस हाई-इंटेंसिटी फेज में दोनों देशों ने कई अहम ऑपरेशनल ड्रिल की।
· संयुक्त एम्फीबियस ऑपरेशन (समुद्र के रास्ते हमले) का अभ्यास
· ड्रोन (मानव रहित हवाई वाहन) के जरिए निगरानी और टोही
· दुश्मन के ठिकानों पर संयुक्त छापेमारी
· युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की सुरक्षित निकासी
LAMITIYE 2026 ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत और सेशेल्स रणनीतिक रूप से अहम हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस अभ्यास ने न सिर्फ दोनों देशों की सेनाओं की युद्ध क्षमता को बढ़ाया है, बल्कि उनके बीच आपसी विश्वास और मेलजोल को भी एक नई मजबूत नींव दी है।


