Health News: शहरों में जरूरी जगहों पर सेनेटरी पैड की उपलब्धता न होना महिलाओं की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक तंगी, जागरूकता की कमी और सामाजिक झिझक के कारण कई महिलाएं पैड के बजाय कपड़े का इस्तेमाल करती हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। सेनेटरी पैड पीरियड्स के दौरान स्वच्छता बनाए रखने का सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक तरीका है।
कपड़े के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान
गांवोंऔर छोटे शहरों में आज भी कई महिलाएं पीरियड्स के दौरान कपड़े का इस्तेमाल करती हैं। अगर कपड़ा ठीक से साफ और धूप में सूखा न हो तो इसमें बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगते हैं। इससे खुजली, जलन और गंभीर संक्रमण हो सकता है। गीला या खुरदुरा कपड़ा त्वचा पर रैशेज और घाव भी कर सकता है। बार-बार इस्तेमाल किए जाने वाले कपड़े को सही तरीके से धोने और सुखाने की कमी से बैक्टीरियल वजाइनोसिस और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
सेनेटरी पैड का उपयोग क्यों है जरूरी?
सेनेटरीपैड एक बार इस्तेमाल होने वाले होते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। इन्हें इस्तेमाल करना आसान है और बार-बार धोने की जरूरत नहीं पड़ती। पैड त्वचा के लिए मुलायम होते हैं और इनसे चकत्ते या रैशेज नहीं होते। चूंकि पैड शरीर के बाहरी हिस्से पर लगाए जाते हैं, इसलिए आंतरिक संक्रमण का खतरा भी कम रहता है।
पैड न मिलने से होने वाले नुकसान
गंदेया बिना धुले कपड़े के इस्तेमाल से बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। गीले कपड़े से खुजली और लालपन होती है, जो गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है। नमी के कारण फंगस पनपता है, जिससे सफेद डिस्चार्ज और खुजली की समस्या होती है। लंबे समय तक कपड़े का इस्तेमाल करने से बदबू और इन्फेक्शन भी हो सकता है।
पीरियड्स के दौरान इन गलतियों से बचें
डॉ.अमृता चौरसिया, एचओडी गायनी विभाग, एमएलएन मेडिकल कॉलेज का कहना है कि पीरियड्स के दौरान चार से पांच घंटे में पैड बदल लेना चाहिए। एक ही पैड को दिनभर इस्तेमाल न करें। पैड बदलते समय अपने आंतरिक अंगों को पानी से जरूर धोएं। सही पैड के साथ सही अंडरवियर का चुनाव भी जरूरी है। कॉटन के कपड़े पहनें, जिनमें हवा आसानी से पास हो सके। गर्म पानी से नहाएं और दर्द वाली जगहों की सिकाई करें। सेनेटरी पैड का उपयोग हमें कॉन्फिडेंट और हाइजीनिक रखता है। इसे 6 से 8 घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन सार्वजनिक स्थलों पर इसकी उपलब्धता होना बेहद जरूरी है।

