तुर्की में विकिपीडिया पर 3 साल की पाबंदी: आतंकवाद से जुड़े लेख बने विवाद की वजह, कोर्ट ने बताया अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन

World News: आज हम किसी भी जानकारी के लिए तुरंत विकिपीडिया का रुख कर लेते हैं, लेकिन तुर्की के नागरिकों के लिए 2017 से 2020 के बीच यह संभव नहीं था। तुर्की सरकार ने अपनी छवि बचाने के लिए पूरे देश में विकिपीडिया के सभी संस्करणों को ब्लॉक कर दिया था, जो इंटरनेट सेंसरशिप का एक बड़ा उदाहरण बना।

2017 में लगा था प्रतिबंध

29 अप्रैल 2017 कोतुर्की के सूचना और संचार प्रौद्योगिकी प्राधिकरण ने कानून संख्या 5651 का हवाला देते हुए अचानक एक आदेश जारी किया और पूरे देश में विकिपीडिया को बैन कर दिया। इसके बाद वीपीएन जैसे तकनीकी पैंतरे के बिना तुर्की का कोई भी व्यक्ति विकिपीडिया का एक पन्ना नहीं पढ़ सकता था।

विवाद की वजह क्या थी?

तुर्कीसरकार की नाराजगी का मुख्य कारण विकिपीडिया पर मौजूद कुछ लेख थे। इन लेखों में दावा किया गया था कि सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान तुर्की के आईएसआईएस और अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों के साथ संबंध थे और सरकार उन्हें समर्थन दे रही थी। अधिकारियों का तर्क था कि ये दावे झूठे हैं और तुर्की की अंतरराष्ट्रीय छवि को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा हैं।

विकिपीडिया ने झुकने से किया इनकार

तुर्कीसरकार ने विवादित लेखों को हटाने की मांग की, लेकिन विकिपीडिया के संचालक विकिमीडिया फाउंडेशन ने साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे एक निष्पक्ष प्लेटफॉर्म हैं और किसी सरकार के दबाव में आकर जानकारी से छेड़छाड़ नहीं करेंगे। इस टकराव के दौरान विकिपीडिया ने दुनिया भर में #WeMissTurkey अभियान भी चलाया।

अदालत का ऐतिहासिक फैसला

यह मामलातुर्की की स्थानीय अदालतों से होता हुआ मानवाधिकारों की यूरोपीय अदालत तक पहुंचा। 26 दिसंबर 2019 को तुर्की की संवैधानिक अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि यह प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है।

तीन साल बाद हुई बहाली

कोर्ट केआदेश के बाद 15 जनवरी 2020 को तुर्की में विकिपीडिया को फिर से शुरू किया गया। लगभग तीन साल की लंबी पाबंदी के बाद आखिरकार जीत मुफ्त ज्ञान और डिजिटल आजादी की हुई। यह मामला अभिव्यक्ति की आजादी और इंटरनेट सेंसरशिप के खिलाफ एक मिसाल बन गया।

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