सावधान! क्या आपके पास भी आया है LPG कनेक्शन कटने का मैसेज? हिमाचल में गैस की किल्लत के बीच खाली हो रहे हैं बैंक खाते

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में इन दिनों रसोई गैस की कमी की खबरों के बीच साइबर अपराधियों ने लूट का नया रास्ता खोज लिया है। ठग लोगों की मजबूरी और डर का फायदा उठाकर उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं। शिमला साइबर सेल ने चेतावनी जारी की है कि शातिर लोग उपभोक्ताओं को फर्जी मैसेज भेजकर डरा रहे हैं। इन संदेशों में दावा किया जाता है कि अगर तुरंत भुगतान या केवाईसी (KYC) अपडेट नहीं किया गया, तो गैस सप्लाई काट दी जाएगी। घबराहट में लोग एक गलत लिंक पर क्लिक कर रहे हैं और अपनी जीवन भर की कमाई गंवा रहे हैं।

लिंक पर एक क्लिक और मोबाइल हैक

साइबर अपराधी एसएमएस, व्हाट्सऐप और ई-मेल का सहारा ले रहे हैं। मैसेज में लिखा होता है कि आपका पिछला भुगतान बकाया है या आधार लिंक करना जरूरी है। इन संदेशों के नीचे एक संदिग्ध लिंक दिया होता है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल फोन हैक हो जाता है। इसके बाद ठगों की पहुंच आपके बैंक अकाउंट और निजी डेटा तक हो जाती है। साइबर सेल के अनुसार, कई लोगों के पास पैसे निकालने की रिक्वेस्ट पहले ही आ चुकी हैं।

केवाईसी और आधार के नाम पर बुना जाल

ठगी के लिए अपराधी अलग-अलग बहाने बना रहे हैं। कहीं गैस सप्लाई जारी रखने के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं, तो कहीं केवाईसी अधूरी होने का डर दिखाया जा रहा है। साइबर सेल शिमला का कहना है कि लोग गैस की कमी की खबरों से पहले ही डरे हुए हैं, जिसका फायदा ये अपराधी उठा रहे हैं। रवीश कुमार की शैली में कहें तो, यह सिर्फ एक लिंक नहीं है बल्कि आपकी जेब पर सीधा डाका डालने की साजिश है। अपराधी जानते हैं कि एक डरा हुआ इंसान जल्दी गलती करता है।

डीआईजी रोहित मालपानी की जनता से अपील

साइबर क्राइम के डीआईजी रोहित मालपानी ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कोई भी गैस कंपनी इस तरह के लिंक भेजकर भुगतान या केवाईसी नहीं करवाती। किसी भी मैसेज पर भरोसा करने से पहले अपनी गैस एजेंसी से संपर्क करें या आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जांच करें। अनजान नंबरों से आने वाले लिंक असल में ठगी का जाल होते हैं। पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज को तुरंत डिलीट कर दें और उस पर कोई प्रतिक्रिया न दें।

ठगी होने पर तुरंत यहां करें शिकायत

अगर आप या आपका कोई परिचित साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो समय बहुत कीमती है। घबराहट में कोई और गलत कदम न उठाएं। तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा आप नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। याद रखिए, आपकी सावधानी ही इन डिजिटल लुटेरों से आपकी सुरक्षा कर सकती है। किसी भी सरकारी सेवा के नाम पर आने वाले अनधिकृत मैसेज को नजरअंदाज करना ही समझदारी है।

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