Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में भीषण गर्मी और तेज धूप से लोग परेशान हैं। मैदानी इलाकों में हालात भट्टी जैसे बने हुए हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने राहत भरी चेतावनी जारी की है। 28 और 29 मई को कई जिलों में तेज तूफान, भारी ओलावृष्टि और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
शिमला समेत पांच जिलों में ज्यादा असर संभव
मौसम विभाग के अनुसार शिमला, चंबा, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू जिलों में मौसम का सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में तेज हवाएं चलने के साथ ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को खुले स्थानों और पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की सलाह दी है।
पूर्वानुमान के मुताबिक इस दौरान हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। तेज तूफान के कारण पेड़ गिरने और बिजली सेवाएं प्रभावित होने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने किसानों और बागवानों को फसलों तथा सेब के बगीचों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा है।
30 मई को सात जिलों में येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 30 मई के लिए भी सात जिलों में खराब मौसम का येलो अलर्ट जारी किया है। शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में हल्की बारिश, तेज हवाएं और बादल गरजने की संभावना बनी हुई है। हालांकि 31 मई से पूरे प्रदेश में मौसम साफ होने का अनुमान जताया गया है।
बुधवार को ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर और चंबा जिलों में लू चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। दिन के समय तापमान लगातार बढ़ रहा है। कई मैदानी क्षेत्रों में पारा सामान्य से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा प्रदेश का मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण हिमाचल में मौसम तेजी से करवट ले सकता है। बारिश और तेज हवाओं के बाद तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इससे गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की अपील की है।
Author: Shilla Bhatia


