Sports News: आईपीएल 2026 के रोमांचक मोड़ पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की रणनीति ने सबको हैरान कर दिया है। सीजन के 10 मैच बीत जाने के बाद भी टीम मैनेजमेंट ने अपने सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी मंगेश यादव को मैदान पर नहीं उतारा है। मध्य प्रदेश के इस उभरते सितारे को आरसीबी ने करोड़ों की बोली लगाकर टीम में शामिल किया था। फिलहाल बेंगलुरु 12 अंकों के साथ अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है। प्लेऑफ की दौड़ रोचक होने के बावजूद इस ‘एक्स-फैक्टर’ गेंदबाज का बेंच पर बैठना चर्चा का विषय बना हुआ है।
नीलामी में मची थी लूट, बेस प्राइस से 16 गुना ज्यादा मिली कीमत
मध्य प्रदेश के मंगेश यादव पर नीलामी के दौरान जमकर धनवर्षा हुई थी। मात्र 30 लाख रुपये की बेस प्राइस वाले इस खिलाड़ी के लिए सनराइजर्स हैदराबाद और आरसीबी के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखने को मिली। अंततः आरसीबी ने 5.20 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कीमत देकर मंगेश को अपने कुनबे में शामिल किया। हैरानी की बात यह है कि जिस खिलाड़ी पर फ्रैंचाइजी ने बेस प्राइस से 1,633 प्रतिशत अधिक पैसा खर्च किया, उसे प्लेइंग-11 में एक मौका देने के लिए भी काफी इंतजार करना पड़ रहा है।
ट्रक ड्राइवर पिता के संघर्ष ने बनाया ‘यॉर्कर किंग’
मंगेश यादव की सफलता के पीछे उनके पिता रामअवध यादव का लंबा संघर्ष छिपा है। एक ट्रक ड्राइवर के रूप में रातें सड़क पर बिताने वाले पिता ने बेटे के क्रिकेट के सपने को कभी मरने नहीं दिया। मंगेश के पिता ने हाल ही में साझा किया कि उन्होंने कितनी ही रातें स्टीयरिंग पर जागकर काटीं ताकि मंगेश को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। आज वही बेटा आईपीएल के सबसे बड़े मंच पर खड़ा है। हालांकि, फैंस और उनके परिवार को अब बस मंगेश के पहले मैच के डेब्यू का बेसब्री से इंतजार है।
आखिर क्यों खूंखार माने जाते हैं बाएं हाथ के मंगेश यादव?
मंगेश यादव की पहचान उनकी बिजली जैसी तेज और सटीक यॉर्कर गेंदबाजी से है। एमपी टी20 लीग में ग्वालियर चीताज़ के लिए खेलते हुए उन्होंने केवल 21 ओवरों में 14 विकेट लेकर सनसनी मचा दी थी। वह केवल गेंद से ही नहीं, बल्कि बल्ले से भी मैच का रुख पलटने का दम रखते हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने मात्र 12 गेंदों पर 28 रनों की तूफानी पारी खेलकर अपनी ऑलराउंडर काबिलियत साबित की थी। डेथ ओवरों में उनकी गेंदबाजी किसी भी टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकती है।
प्लेइंग-11 का समीकरण: किसकी जगह मिल सकती है एंट्री?
आरसीबी के गेंदबाजी आक्रमण में इस समय जोश हेजलवुड, भुवनेश्वर कुमार और रसिख डार सलाम जैसे खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं। भुवनेश्वर ने 10 मैचों में 17 विकेट लेकर अपनी जगह पक्की कर ली है। यही कारण है कि कप्तान रजत पाटीदार विनिंग कॉम्बिनेशन के साथ छेड़छाड़ करने से बच रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मंगेश यादव को मौका मिलता है, तो वह रसिख डार सलाम की जगह टीम में आ सकते हैं। अगले कुछ मैचों में आरसीबी इस खूंखार युवा गेंदबाज को आजमाकर अपनी बेंच स्ट्रेंथ का परीक्षण कर सकती है।


