New Delhi: ईरान में जारी भारी उथल-पुथल के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने वहां रह रहे सभी भारतीयों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ईरान में अभी करीब 9000 भारतीय मौजूद हैं। इनमें से अधिकतर वहां पढ़ाई कर रहे छात्र हैं। सुरक्षा कारणों को देखते हुए सरकार ने किसी भी भारतीय को ईरान की यात्रा न करने का सख्त निर्देश दिया है।
ईरान छोड़ो: हर घंटे बिगड़ रहे हैं हालात
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक ब्रीफिंग में बताया कि ईरान के हालात चिंताजनक हैं। वहां की स्थिति हर घंटे खराब होती जा रही है। ऐसे में वहां रुकना खतरे से खाली नहीं है। सरकार के लिए 9000 भारतीयों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है।
भारतीय दूतावास वहां मौजूद छात्रों और अन्य नागरिकों के लगातार संपर्क में है। मंत्रालय ने पिछले कुछ दिनों में कई सख्त एडवाइजरी जारी की हैं। सभी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द भारत लौटने का प्रबंध करें। सरकार वहां की हर हलचल पर पैनी नजर रख रही है ताकि कोई अनहोनी न हो।
चाबहार पोर्ट पर अमेरिका से मिली बड़ी राहत
तनाव के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर भी सामने आई है। अमेरिका ने रणनीतिक रूप से अहम चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट को प्रतिबंधों से बड़ी छूट दे दी है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने यह राहत 26 अप्रैल 2026 तक के लिए दी है।
रणधीर जायसवाल ने इस खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि भारत इस फ्रेमवर्क के भीतर काम करने के लिए अमेरिका से लगातार बात कर रहा है। यह छूट भारत को मध्य एशिया के साथ व्यापारिक रिश्ते मजबूत करने में मदद करेगी। ईरान के आंतरिक हालातों के बावजूद इस बंदरगाह का संचालन भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसे भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।
भारत और जापान के बीच AI और डिफेंस पर डील
जापान के विदेश मंत्री 15 से 17 जनवरी तक भारत के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। उन्होंने आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ 18वीं भारत-जापान रणनीतिक वार्ता में हिस्सा लिया।
इस बैठक में दोनों देशों ने व्यापार और रक्षा संबंधों की गहराई से समीक्षा की। सप्लाई चेन को मजबूत करने और निवेश बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। सबसे खास बात यह रही कि दोनों देश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर मिलकर काम करेंगे। इसके लिए एक नया डायलॉग लॉन्च किया गया है। साल 2027 में दोनों देशों के रिश्तों के 75 साल पूरे होने का जश्न भी मनाया जाएगा।
सलमान खान की फिल्म और म्यांमार चुनाव पर अपडेट
विदेश मंत्रालय ने सलमान खान की आगामी फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ पर चल रहे विवाद पर भी स्थिति साफ की है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि इस फिल्म की प्लानिंग या निर्माण में विदेश मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं है। मंत्रालय ने खुद को इस विवाद से पूरी तरह अलग कर लिया है।
इसके अलावा, भारत ने म्यांमार में समावेशी और निष्पक्ष चुनाव की मांग की है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका में होने वाले ब्रिक्स (BRICS) नौसैनिक अभ्यास में भारत के शामिल न होने की भी पुष्टि की गई है।
